नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण होगा या नहीं? 25 फरवरी को आएगा फैसला

लंदन। पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में आरोपित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पण के बारे में लंदन की अदालत 25 फरवरी को फैसला सुनाएगी। जिला जज सैमुएल गूजी ने शुक्रवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में बहस पूरी होने के बाद टाइमलाइन की पुष्टि की।

इस बीच, नीरव मोदी जेल में ही रहेगा तथा 28 दिन पर नियमित पेशी के लिए 5 फरवरी को वीडियो लिंक के जरिये पेश होगा। भारत की ओर से पैरवी करते हुए क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने नीरव के खिलाफ धोखाधड़ी, मनी लांड्रिंग तथा न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करने के आरोपों पर जोर दिया। अदालत ने इस दौरान प्रत्यर्पण संबंधी बहस के समय इस सप्ताह वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किए गए सबूतों पर भी गौर किया।

सीपीएस की बैरिस्टर हेलेन मैल्कम ने कहा कि यह बहुत ही सीधी सपाट बात है कि नीरव मोदी ने तीन पार्टनरशिप कंपनियों का इस्तेमाल कर अरबों डालर का असुरक्षित कर्ज लिया तथा फर्जी कारोबार के लिए लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी किए गए।

सरकारी गवाह बने नीरव के बहन-बहनोई

नीरव मोदी की बहन पूर्वी और बहनोई मयंक मेहता सरकारी गवाह बन गए हैं। 47 वर्षीय पूर्वी बेल्जियम की नागरिक हैं वहीं नीरव के बहनोई मयंक ब्रिटिश नागरिक हैं। वे विदेश में रहते हैं। जानकारी के मुताबिक, वे कभी इस मामले की जांच में शामिल नहीं हुए। बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्वी को आरोपित के तौर पर शामिल किया गया है और ईडी व सीबीआइ इस मामले में कई आरोप पत्र दाखिल कर चुके हैं।

पूर्वी की संपत्तियों को ईडी ने किया फ्रीज

स्विस बैंक में कुछ जमा रकम समेत पूर्वी की संपत्तियों को ईडी पहले ही फ्रीज कर चुकी है, लेकिन पूर्वी ने अदालत को सूचित किया था कि उनके नाम पर एजेंसी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में उनका कोई लाभकारी हित नहीं था। ईडी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पूर्वी और मयंक न्यूयार्क में दो फ्लैट, लंदन व मुंबई में एक-एक फ्लैट के अलावा स्विस बैंक के दो खातों और मुंबई में एक बैंक खाते में जमा राशि को जब्त करवाने में मदद करेंगे।

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