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बाइडेन की शपथ में नहीं जाएंगे ट्रंप, हिंसा पर मांगी माफी, महाभियोग का खतरा बढ़ा, जानें माफी पर क्या हैं राष्‍ट्रपति के अधिकार

वाशिंगटन। अमेरिकी संसद पर समर्थकों के धावा बोलने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह घिर गए हैं। उन पर महाभियोग चलने का खतरा मंडरा रहा है। डेमोक्रेट सांसदों ने इसके लिए उप राष्ट्रपति माइक पेंस और कैबिनेट पर दबाव बढ़ा दिया है। अल्टीमेटम दिया है कि अगर उन्होंने इस दिशा में कुछ नहीं किया तो वे इसके लिए कदम उठाएंगे। हालांकि ट्रंप के कार्यकाल में महज 12 दिन बचे हैं और उन्होंने समर्थकों के कृत्य पर अफसोस जाहिर करते हुए माफी मांगी है और यह कहा है कि वह 20 जनवरी को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण कर देंगे।

बाइडन के शपथ ग्रहण में नहीं जाएंगे ट्रंप

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो बाइडन को सत्ता देने के लिए तैयार हो गए हैं। लेकिन उन्‍होंने कहा है कि वह 20 जनवरी को नए राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे। उन्‍होंने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, जिन लोगों ने मुझसे इस बारे में सवाल किया है, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में नहीं जाऊंगा

सहयोगियों के साथ कर रहे मंत्रणा

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप खुद को माफी देने के बारे में अपने समर्थकों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ मंत्रणा भी कर रहे हैं। दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र कहे जाने वाले अमेरिका में बुधवार को हजारों ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल कहे जाने वाले संसद परिसर पर धावा बोल दिया था। इसके लिए ट्रंप ने उकसाया था। करीब चार घंटे चले उपद्रव के दौरान लोकतंत्र को बंधक बना लिया गया था।

महाभियोग चलाने की मांग

इस दौरान जमकर तोड़फोड़ और गोलीबारी हुई थी। पुलिस की कार्रवाई में पांच लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। हमले के दौरान संसद में बाइडन की जीत पर मुहर लगाने की कार्यवाही चल रही थी। भावी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हिंसा के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी लोकतंत्र विरोधी बातों से हिंसा भड़की थी। जबकि उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप को राष्ट्रपति से हटाने और महाभियोग चलाने की मांग की है।

संसद में लाया जाएगा महाभियोग

संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा कि ट्रंप को तत्काल पद से हटाना समय की जरूरत है। उन्होंने उप राष्ट्रपति माइक पेंस और कैबिनेट से मांग की है कि वे संविधान के 25वें संशोधन के जरिये ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटा दें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो संसद में महाभियोग लाया जाएगा। ऊपरी सदन सीनेट में डेमोक्रेट नेता चक शुमर ने कहा कि ट्रंप खतरनाक हैं और उन्हें पद से तत्काल हटाए जाने की आवश्यकता है।

ट्रंप पर पहले भी चला था महाभियोग

डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत वाले प्रतिनिधि सभा में ट्रंप के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप में दिसंबर, 2019 में महाभियोग लाया गया था। लेकिन यह महाभियोग रिपब्लिकन के बहुमत वाले सीनेट में गिर गया था।

ट्रंप को परमाणु हथियारों से दूर रखने का सुझाव

नैंसी पेलोसी ने कहा कि उन्होंने ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मिले से बात कर उनसे ट्रंप को बाकी कार्यकाल के लिए परमाणु हथियारों को उनकी पहुंच से दूर रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्थित राष्ट्रपति के तहत स्थिति को और खतरनाक होने नहीं दिया जा सकता। हमें अमेरिका की जनता को उनके असंतुलित हमले से बचाने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए।

ट्रंप बोले, अराजकता से हूं आहत

प्रतिनिधि सभा की सहायक स्पीकर कैथरिन क्लार्क ने बताया, ‘डेमोक्रेट्स महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हर हथियार का इस्तेमाल करेंगे।’ इधर, व्हाइट हाउस ने गुरुवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें ट्रंप ने कहा, ‘सभी अमेरिकियों की तरह मैं भी हिंसा और अराजकता से आहत हूं। हिंसा में शामिल लोग हमारे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।’

माफी पर क्या हैं अधिकार

अमेरिकी राष्ट्रपति को माफी देने का अधिकार है, लेकिन खुद को माफी देने की शक्ति का प्रयोग अभी तक नहीं किया गया है। इस अधिकार की वैधानिकता को लेकर विशेषज्ञों में भी मतभेद है। न्याय विभाग के एक कानूनी मेमो में बताया गया है कि राष्ट्रपति खुद को माफी नहीं दे सकते। लेकिन वह इस्तीफा देकर उप राष्ट्रपति को अपना कार्यभार सौंपकर माफी देने का आग्रह कर सकते हैं। हालांकि इस कानूनी पहलू की बाध्यता नहीं है।

एक पुलिस अधिकारी की मौत

कैपिटल हिंसा के दौरान घायल हुए एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। इससे हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। इधर, एफबीआइ ने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टियों के दफ्तरों में पाइप बम रखने वालों पर 50 हजार डॉलर (करीब 36 लाख रुपये) के इनाम का एलान किया है। कानून प्रवर्तन एजेंसी ने कहा कि बम रखने वालों के बारे में जानकारी देने पर यह इनाम दिया जाएगा।