आजादी के 72 वर्षों तक आदिबासी कुड़मी समाज अपने हक और अधिकार से वंचित: डॉ अमर चौधरी

कुंदरूकलां स्थित बरदखुटा टांड़ में चल रहे आदिबासि कुड़मि समाज का दो दिवसीय कुड़मालि जड़ुआहि कार्यक्रम  सम्पन्न

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कुंदरूकलां स्थित बरदखुटा टांड़ में चल रहे आदिबासि कुड़मि समाज का दो दिवसीय कुड़मालि जड़ुआहि कार्यक्रम रविवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.अमर कुमार चौधरी, मुख्य वक्ता बी.बी.एम यूनिवर्सिटी के रिसर्च गाइड डॉ.बी.एन.महतो, विशिष्ट वक्ता आदिबासि कुड़मि समाज के केंद्रीय महासचिव ओमप्रकाश महतो बंसरिआर, केंद्रीय सदस्य दीपक पुनुरिआर, केंद्रीय उपाध्यक्ष छोटेलाल महतो मुतरूआर, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रसेनजीत काछिमा, प्रदेश महासचिव बैजनाथ महतो मुतरूआर मौजूद थे। मौके पर डॉ अमर चौधरी ने कहा कि आजादी के 72 वर्षों तक आदिबासी कुड़मी समाज को आखिर किस कारण से उसके हक और अधिकार से वंचित रखा है।

अब इसका हिसाब करने का वक्त आ गया है। हम पढ़ेंगे, लड़ेंगे और अपना अधिकार लेकर रहेंगे। डॉ बीएन महतो ने कहा कि झारखंड के कुड़मी और संवैधानिक आधार पर तो आदिबासी है ही। साथ ही नस्ली आधार पर भी आदिबासी हैं। ओमप्रकाश कसरियार ने कहा कि कुडमियो की अपनी भाषा कुड़माली है। कुडमियो को भाषा के आधार पर बांटना बंद करें। छोटेलाल मुतरुवार ने कहा कि हमारा अधिकार 26 प्रतिशत है और हमें बीसी 1 बनाकर 8प्रतिशत दिया जा रहा है, जो की तर्कसंगत नहीं है। कार्यक्रम में निरंजन महतो, जगेश्वर महतो नागवंशी, शंकरलाल प्रसाद, राजीव कुमार, चंद्रदेव हिंदीआर, आनंद कुमार, संतोष महतो, हीरालाल महतो, मोहराय महतो, मथुरा महतो, भूपेंद्र केटियार सहित कई मौजूद थे।

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