ढुल्लू महतो ने हाई कोर्ट से मांगी सीबीआइ जांच, 14 फरवरी के बाद से दर्ज हुए 8 मामले

रांची। बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो की ओर से हाई कोर्ट में सीबीआइ जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई है। ढुल्लू ने अपनी याचिका में कहा है कि 14 फरवरी 2020 से अब तक दर्ज 8 मामलों की जांच सीबीआइ से कराई जाए। विधायक ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें डर है कि गिरफ्तार होने पर पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर सकती है।

बता दें कि भाजपा विधायक पर कई मामले दर्ज हैं। उन पर एक महिला नेत्री से दुष्‍कर्म के अलावा रामराज मंदिर के पास दुकान लगाने वाले एक दुकानदार के साथ मारपीट का मामला दर्ज है।

यौन उत्पीडऩ की गवाह युवती पलटी

ढुलू महतो के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला नेत्री के पति के खिलाफ एक युवती ने बुधवार की देर शाम कतरास थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। युवती ने उनपर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, झूठे केस में गवाह बनाने तथा डर दिखाकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला नेत्री पर उसमें सहयोग का आरोप लगाया है। शिकायत करने वाली यूवती विधायक के खिलाफ दर्ज उक्त मामले की गवाह भी है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। उधर युवती के इस आरोप को महिला नेत्री ने गलत बताया और मामले की पुलिस से निष्पक्ष जांच करने की मांग की।

ढुलू महतो के खिलाफ जारी वारंट को किया निरस्त

बाघमारा से भाजपा विधायक ढुलू महतो को झारखंड हाई कोर्ट से बुधवार को बड़ी राहत मिली। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त कर दिया है। निचली अदालत से जारी वारंट के खिलाफ ढुलू महतो ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर उसे निरस्त करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा व अजय शाह ने अदालत को बताया कि वारंट जारी करने से पहले निचली अदालत में पुलिस ने नियमों का पालन नहीं किया है। इसके लिए सीआरपीसी की धारा 73 के तहत प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है, इसलिए इस वारंट को निरस्त कर देना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से इसका विरोध किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने ढुलू महतो के खिलाफ जारी वारंट को निरस्त कर दिया।

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