सुलझ सकता है नेता प्रतिपक्ष का विवाद, महाधिवक्ता से विधानसभा सचिवालय ने मांगी राय

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रांची। बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल की मान्यता को लेकर सदन में चल रहे गतिरोध के बीच विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता से इस बाबत कानूनी सलाह मांगी है। पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए विधानसभा सचिवालय ने महाधिवक्ता से आग्रह किया है कि इस बाबत मंतव्य से अवगत कराएं। इसके बाद ही पूरे मसले पर आगे निर्णय किया जाएगा।

बताते चलें कि बाबूलाल मरांडी ने झारखंड विकास मोर्चा का विलय भाजपा में किया है। भाजपा ने विधानसभा सचिवालय को इस बाबत सूचित किया है कि मरांडी को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे इतर झाविमो के दूसरे धड़े ने कांग्रेस में विलय की सूचना दी है। विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के संदर्भ में कांग्रेस ने सूचित किया है कि दोनों विधायक दल में शामिल हो चुके हैैं।

उधर विधानसभा सचिवालय ने दोनों धड़े के दावे पर कोई निर्णय नहीं करते हुए इन्हें झारखंड विकास मोर्चा का ही विधायक माना है। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने चुनाव आयोग को भी सूचित करते हुए कहा है कि बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की सदन में झारखंड विकास मोर्चा के विधायक हैैं।

सदन को बाधित कर रहे भाजपा विधायक

नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर विधानसभा सचिवालय ने तमाम कानूनी पहलुओं की जांच के बाद फैसला लेने का निर्णय किया है। इसपर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा लगातार इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही बाधित कर रही है। मंगलवार को स्पीकर ने इसका हल निकालने की पहल की। उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाया, लेकिन इसमें समाधान नहीं निकल पाया। बुधवार को सदन में बंधु तिर्की ने इस बाबत सवाल भी दागा। बाबूलाल मरांडी को मान्यता नहीं मिलने तक सदन की कार्यवाही बाधित रहने के आसार हैैं।

स्पीकर बोले, नियम से चलता है आसन

स्पीकर रवींद्रनाथ महतो पूरे मामले पर कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर फैसला लेने की बात लगातार कर रहे हैैं। बुधवार को भी उन्होंने सदन में यही दोहराया। कहा कि आसन नियम से चलता है, दबाव मत दीजिए। सारी बातें प्रक्रियागत है और कार्रवाई भी चल रही है।

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