दुलमी प्रखंड के ब्यांग के केदार प्रसाद महतो ने खुद के प्रयास से बिजली पैदा करने का यंत्र बनाया!

रामगढ़:- राज्य विद्युत बोर्ड का विखंडन होने के पांच साल बाद भी बिजली वितरण निगम के पदाधिकारियों की कारस्तानी से उतने राजस्व की वसूली नहीं होती, जितना बिजली बेचा जाता है। नतीजा रिसोर्स गैप के मद में हर साल 750 करोड़ से ज्यादा राज्य सरकार महकमे को देती है। बिजली बिल में घालमेल का प्रकरण बराबर प्रकाश में आते रहता है।

मौजूदा हालात का समस्या है जो बिजली का इसे निपटारा करने के लिए जो एक रामगढ़ जिला का
दुलमी प्रखंड के ब्यांग का है। दुलमी प्रखंड के केदार प्रसाद महतो ने खुद के प्रयास से बिजली पैदा करने मैं भरपूर कोशिश किया और मेहनत कर रंग लाया! जो एक तथाकथित कहावत है। सब्र का फल हमेशा मीठा होता है(Fruits of the waiting period r always sweet)
अब देखना दिलचस्प होगा कि बिजली का समस्या का समाधान कितने पावर तक होगा?

समाजसेवी सुधीर मंगलेश ने कहा कि गरीब परिवार में पला बढ़ा केदार प्रसाद महतो ने अपने खुद का प्रयास से एक छोटा एक बिजली यंत्र का बनाने का प्रयास किया है अगर सरकार से इस का सहयोग मिला तो यंत्र बड़ा बन सकता है और बिजली से गांव में रोशनी हो सकता है!

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