Rajya Sabha Election 2020: रघुवर दास हो सकते हैं भाजपा के उम्मीदवार, दीपक प्रकाश भी चर्चा मेंरांची, राज्य ब्यूरो : राज्यसभा के लिए झारखंड कोटे से खाली हो रही दो सीटों के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष जहां दोनों सीटों पर दांव लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं भाजपा एक सीट पर हर हाल में काबिज होना चाहती है। यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश या पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को बतौर प्रत्याशी उतार सकती है। राज्यसभा के लिए खाली हो रही दोनों सीटों के लिए विधायकों का संख्या बल फिलहाल दोनों ही पक्षों के अनुकूल नहीं दिख रहा है। 81 विधानसभा सीटों वाले झारखंड में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों की जरूरत होती है। भाजपा में बाबूलाल की एंट्री के बाद पार्टी विधायकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। जाहिर है यदि एक सीट को अपने खाते में रखना है तो उसे दो विधायकों का जुगाड़ करना होगा। एनडीए की पुरानी सहयोगी रही आजसू यदि साथ आ जाती है तो भाजपा की राह आसान हो सकती। –– ADVERTISEMENT –– मुख्‍य न्‍यायाधीश ने रामरेखा धाम में की पूजा, विधिक सेवा शिविर में लेंगे भाग Simdega News मुख्‍य न्‍यायाधीश ने रामरेखा धाम में की पूजा, विधिक सेवा शिविर में लेंगे भाग Simdega News यह भी पढ़ें वहीं, सत्ता पक्ष के तीनों दलों झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों की कुल संख्या 47 है। प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह संख्या 49 हो जाती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का साथ भी इसी गुट को मिलना तय है और सरयू राय का भी सहयोग मिल सकता है। जाहिर है सरकार में शामिल घटक दल को दोनों सीट पर जीत हासिल करने के लिए 56 विधायकों की जरूरत होगी। फिलहाल पांच विधायकों का जुगाड़ खासा मुश्किल दिखाई दे रहा है। पलामू में मिला पंचमुखी बेल फल, लोग बोले- जीवन में एकाध बार ही देखने को मिलता है पलामू में मिला पंचमुखी बेल फल, लोग बोले- जीवन में एकाध बार ही देखने को मिलता है यह भी पढ़ें नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा परिमल नथवाणी और प्रेमचंद गुप्ता का कार्यकाल झारखंड से राज्यसभा के दो सांसदों परिमल नथवाणी और प्रेमचंद गुप्ता का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। प्रेमचंद गुप्ता राजद से हैं जबकि परिमल नथवाणी भाजपा-आजसू समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी।

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रांची: राज्यसभा के लिए झारखंड कोटे से खाली हो रही दो सीटों के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष जहां दोनों सीटों पर दांव लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं भाजपा एक सीट पर हर हाल में काबिज होना चाहती है। यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश या पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को बतौर प्रत्याशी उतार सकती है।

राज्यसभा के लिए खाली हो रही दोनों सीटों के लिए विधायकों का संख्या बल फिलहाल दोनों ही पक्षों के अनुकूल नहीं दिख रहा है। 81 विधानसभा सीटों वाले झारखंड में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों की जरूरत होती है। भाजपा में बाबूलाल की एंट्री के बाद पार्टी विधायकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। जाहिर है यदि एक सीट को अपने खाते में रखना है तो उसे दो विधायकों का जुगाड़ करना होगा। एनडीए की पुरानी सहयोगी रही आजसू यदि साथ आ जाती है तो भाजपा की राह आसान हो सकती।

वहीं, सत्ता पक्ष के तीनों दलों झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों की कुल संख्या 47 है। प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह संख्या 49 हो जाती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का साथ भी इसी गुट को मिलना तय है और सरयू राय का भी सहयोग मिल सकता है।  जाहिर है सरकार में शामिल घटक दल को दोनों सीट पर जीत हासिल करने के लिए 56 विधायकों की जरूरत होगी। फिलहाल पांच विधायकों का जुगाड़ खासा मुश्किल दिखाई दे रहा है।

नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा परिमल नथवाणी और प्रेमचंद गुप्ता का कार्यकाल

झारखंड से राज्यसभा के दो सांसदों परिमल नथवाणी और प्रेमचंद गुप्ता का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। प्रेमचंद गुप्ता राजद से हैं जबकि परिमल नथवाणी भाजपा-आजसू समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी।

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