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बाबूलाल की राह में रोड़ा बनी कांग्रेस, कहा-नेता प्रतिपक्ष के तौर पर स्वीकार नहीं हैं मरांडी

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बयान जारी कर कहा है कि बाबूलाल मरांडी को किसी भी हाल में नेता प्रतिपक्ष स्वीकार नहीं किया जा सकता है। प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि बाबूलाल प्रतिपक्ष का नेता बनने की अर्हता पूरी नहीं करते हैं। उनसे ज्यादा 10वीं अनुसूची का भुक्तभोगी कोई नहीं है। आलोक दूबे ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा है कि विधायी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही मरांडी को स्वीकार किया जा सकता है।

10वीं अनुसूची में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सदन में दो तिहाई विधायकों के मर्जर को ही विलय माना जा सकता है। महत्वपूर्ण यह है कि दो तिहाई विधायक एक साथ किधर विलय करेंगे वही विलय मूल माना जायेगा। बाबूलाल को प्रतिपक्ष का नेता स्वीकार करना पूरी संवैधानिक संस्था का अपमान होगा और राज्य की जनता के जनादेश का अनादर होगा।

भाजपा के कृत्यों की वजह से बार-बार पूरे देश में झारखंड की बदनामी होती है। भाजपा और बाबूलाल में अगर थोड़ी भी नैतिकता है तो उन्हें विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर दोबारा भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जनादेश प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से गुजारिश की है कि किसी भी कीमत पर बाबूलाल को प्रतिपक्ष के नेता के रूप में मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।