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लॉ छात्रा दुष्‍कर्म कांड: थोड़ी देर में आएगा 11 आरोपितों पर अदालत का फैसला

रांची। राजधानी रांची को कलंकित करने वाले बहुचर्चित लॉ कॉलेज छात्रा सामूहिक दुष्‍कर्म मामले में अब से कुछ देर बाद अदालत का फैसला आ जाएगा। इस मामले में कोर्ट 11 आरोपितों को सजा सुनाने जा रहा है। लॉ छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोनों पक्षों की बहस सोमवार को ही पूरी हो गई। रांची जिला अदालत के न्यायायुक्त नवनीत कुमार ने फैसले के लिए 26 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।

लॉ छात्रा से सामूहिक दुष्‍कर्म करने वाले 12 आरोपितों में से एक आरोपित को अदालत ने नाबालिग घोषित कर दिया। बाकी 11 आरोपितों पर अदालत का फैसला आएगा। नाबालिग का मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी द्वारा चार्जशीट के साथ जमा किये गए सीसीटीवी फुटेज को भी अदालत में चलाया गया। इस दौरान जेल में बंद सभी 11 आरोपितों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाह पेश किए गए। जबकि आरोपितों की ओर से एक भी गवाह गवाही देने अदालत नहीं पहुंचा। बीते 26 नवंबर को कांके के संग्रामपुर में लॉ छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। दूसरे दिन छात्रा की शिकायत पर कांके थाना में 12 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर 29 फरवरी को जेल भेज दिया गया।

सौ दिन से पूर्व पीडि़ता को मिलेगा न्याय

हाई कोर्ट के निर्देश पर केस की डे-टू-डे सुनवाई हुई। 24 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी गई। हाई कोर्ट खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहा था। इसी का परिणाम है कि सौ दिनों के अंदर पीडि़ता को न्याय मिलेगा।

मोबाइल लोकेशन से धराया आरोपित

पीडि़ता से मिले इनपुट के आधार पर पहले दो आरोपित को पकड़ा गया। फिर मोबाइल लोकेशन के आधार पर अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।

ये हैं आरोपित

कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा, ऋषि उरांव एवं एक नाबालिग।