बाबूलाल होंगे नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष के लिए इन नेताओं की चर्चा; 21-22 को भाजपा में बड़ा एलान

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रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद प्रदेश भाजपा खुद को संभालने में लगी है। इस कड़ी में बाबूलाल मरांडी के तौर पर एक बड़े चेहरे की भाजपा में वापसी हुई है। बाबूलाल ने इस भूमिका के लिए भी खुद को तैयार कर रखा है। मिलन समारोह में उनका तेवर भी साफ तौर पर झलका। उन्होंने हेमंत सरकार पर सीधा प्रहार किया। बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाने की तैयारी है।

इससे इतर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी शिद्दत से एक प्रभावी नेता की तलाश हो जो संगठन के कार्यकर्ताओं में नए सिरे से जोश भर सके। विधानसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा इस्तीफा दे चुके हैैं। गिलुवा का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है, लेकिन अब उनके स्थान पर नए नेता की ताजपोशी तय है। प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी गैर आदिवासी नेता को दी जाएगी। इस बाबत बाबूलाल मरांडी से मशविरा के बाद आलाकमान अंतिम नतीजे पर पहुंचेगी।

21-22 को बाबूलाल के नाम की घोषणा संभव

बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके लिए भाजपा आलाकमान ने राष्ट्रीय महामंत्री पी मुरलीधर राव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। राव 21 या 22 फरवरी को रांची आ सकते हैैं। इस दौरान विधायक दल की बैठक में बाबूलाल मरांडी को नेता चुने जाने की औपचारिकता पूरी की जाएगी। 28 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले भाजपा नेता विधायक दल का चयन कर लेना चाहती है ताकि सत्र के दौरान धारदार विपक्ष की भूमिका का निर्वहन किया जा सके।

प्रदेश अध्‍यक्ष के लिए इन नेताओं पर चल रही माथापच्ची

  1. दीपक प्रकाश – फिलहाल झारखंड प्रदेश भाजपा के महामंत्री हैैं। झाविमो के गठन के वक्त बाबूलाल मरांडी संग चले गए थे। बाद में वापस भाजपा में लौट आए।
  2. अनंत ओझा – राजमहल से लगातार दूसरी बार भाजपा के विधायक चुने गए हैैं। पृष्ठभूमि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की है। सांगठनिक विषयों पर इनकी अच्छी पकड़ है।
  3. गणेश मिश्रा – प्रदेश भाजपा में प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारी है। निरसा से एक बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैैं।
  4. रविंद्र राय – प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष हैैं। कोडरमा से सांसद और धनवार से विधायक रह चुके हैैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया था।
  5. सुनील कुमार सिंह – चतरा संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीतकर सांसद बने हैैं। प्रदेश भाजपा के महामंत्री भी रहे हैैं।
  6. प्रदीप वर्मा – प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष हैैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बेहतर ताल्लुक। हालिया विधानसभा चुनाव में संताल के प्रभारी थे।रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद प्रदेश भाजपा खुद को संभालने में लगी है। इस कड़ी में बाबूलाल मरांडी के तौर पर एक बड़े चेहरे की भाजपा में वापसी हुई है। बाबूलाल ने इस भूमिका के लिए भी खुद को तैयार कर रखा है। मिलन समारोह में उनका तेवर भी साफ तौर पर झलका। उन्होंने हेमंत सरकार पर सीधा प्रहार किया। बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाने की तैयारी है।इससे इतर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी शिद्दत से एक प्रभावी नेता की तलाश हो जो संगठन के कार्यकर्ताओं में नए सिरे से जोश भर सके। विधानसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा इस्तीफा दे चुके हैैं। गिलुवा का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है, लेकिन अब उनके स्थान पर नए नेता की ताजपोशी तय है। प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी गैर आदिवासी नेता को दी जाएगी। इस बाबत बाबूलाल मरांडी से मशविरा के बाद आलाकमान अंतिम नतीजे पर पहुंचेगी।

    21-22 को बाबूलाल के नाम की घोषणा संभव

    बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके लिए भाजपा आलाकमान ने राष्ट्रीय महामंत्री पी मुरलीधर राव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। राव 21 या 22 फरवरी को रांची आ सकते हैैं। इस दौरान विधायक दल की बैठक में बाबूलाल मरांडी को नेता चुने जाने की औपचारिकता पूरी की जाएगी। 28 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले भाजपा नेता विधायक दल का चयन कर लेना चाहती है ताकि सत्र के दौरान धारदार विपक्ष की भूमिका का निर्वहन किया जा सके।

    प्रदेश अध्‍यक्ष के लिए इन नेताओं पर चल रही माथापच्ची

    1. दीपक प्रकाश – फिलहाल झारखंड प्रदेश भाजपा के महामंत्री हैैं। झाविमो के गठन के वक्त बाबूलाल मरांडी संग चले गए थे। बाद में वापस भाजपा में लौट आए।
    2. अनंत ओझा – राजमहल से लगातार दूसरी बार भाजपा के विधायक चुने गए हैैं। पृष्ठभूमि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की है। सांगठनिक विषयों पर इनकी अच्छी पकड़ है।
    3. गणेश मिश्रा – प्रदेश भाजपा में प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारी है। निरसा से एक बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैैं।
    4. रविंद्र राय – प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष हैैं। कोडरमा से सांसद और धनवार से विधायक रह चुके हैैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया था।
    5. सुनील कुमार सिंह – चतरा संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीतकर सांसद बने हैैं। प्रदेश भाजपा के महामंत्री भी रहे हैैं।
    6. प्रदीप वर्मा – प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष हैैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बेहतर ताल्लुक। हालिया विधानसभा चुनाव में संताल के प्रभारी थे।
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