Ramgarh रोजगार मेला को किसी ने सराहा तो किसी ने इसे महज छलावा बताया

मेले में 29 विभिन्न कंपनियों के स्टाल लगे थे, जिनमे 3000 बेरोजगारो के लिए वैकेंसी थी

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रामगढ़ के छावनी परिषद मैदान में रोजगार मेले का हुआ आयोजन जिसमें राज्य के कई दूसरे जगह से भी बेरोजगारों की भीड़ देखी गई वही कई बेरोजगारो ने कहा कि सरकार का यह कदम अच्छा है हालांकि एक दिव्यांग बेरोजगार युवती ने कहा कि मैं पिछले 3 वर्षों से लगातार आती रही हूं लेकिन मुझे रोजगार नहीं मिली है। दूसरी तरफ जिला नियोजन पदाधिकारी ने कहा कि यहां तीन हज़ार रिक्तियां आई है तथा दक्षता के आधार पर नौकरी दी जाएगी।

 

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रामगढ़ जिले के छावनी परिषद फुटबॉल मैदान में दत्तोपंत ठेंगरी रोजगार मेले का आयोजन किया गया। यह मेला श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग जिला नियोजनालय रामगढ़ के तत्वधान में संपन्न हुआ। सभी स्टालों पर बेरोजगारों की लंबी कतार देखकर इस बात का सहज अंदाज लगाया जा सकता है कि देश में बेरोजगारों की संख्या में इन दिनों काफी ईजाफा हुआ है। इस मौके पर जिला नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि जिला नियोजनालय रामगढ़ के द्वारा दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला का आयोजन किया गया है। जिसमें 29 नियोजको की लगभग 3000 रिक्तियां प्राप्त हुई है कुछ नियोजक बाहर से भी आए हैं अधिक से अधिक लोगों का चयन होगा जो अपनी दक्षता को साबित करने में सफल होंगे उन्हें ही नियोजन मिलेगा, वैसे टाटा स्टील की भी वैकेंसी यहां आई हुई है।
कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आज रामगढ़ जिले में रोजगार मेले का आयोजन हुआ है जिसमे बेरोजगारों के लिए 29 कंपनियां आई है जिनमें तीन हजार रिक्तियां भी हैं।

मौके पर रोजगार की तलाश में रामगढ़ के इस रोजगार मेले में पहुंचे युवक युवतियों ने बताया कि हम रोजगार के तलाश में रामगढ़ आए हैं, जॉब करने का मन है इस मेले में कई वैकेंसी भी निकला है और उसकी पूरी अहर्ता हम पूरा करते है । उनलोगों ने सरकार और जिला प्रशासन के इस कदम की प्रसंसा की है। रोजगार मेला को किसी ने सराहा तो किसी ने इसे महज छलावा बताया नौकरियां पाने की आस में विभिन्न क्षेत्रों से बेरोजगार रामगढ़ पहुंचे थे. बेरोजगारों की भीड़ में कई शिक्षित बेरोजगारों को नियुक्ति मिलने की आस थी. सब के सब कतार बद्ध होकर विभिन्न स्टालों की कतार से लगे थे ।कुछ युवक-युवतियों ने रोजगार मेला की सराहना कि ,वही कुछ एक बेरोजगारों ने इस तरह के आयोजन को महज छलावा बताया।
रोजगार के लिए लगातार प्रयास करने वाली एक दिव्यांग युवती ने कहा कि हम पिछले तीन वर्षों से लगातार आते रहे हैं इस आशा से कि हमें जॉब मिलेगा लेकिन ऐसा होता नहीं है हम दिव्यांग है और मैं अभी एमए भी कर रही हूँ। वैसे दिव्यांगों के लिए जॉब भी बहुत कम है।

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