Logo
ब्रेकिंग
आखिर कैसे हुई पुलिस हाजत में अनिकेत की मौ' त? नव विवाहित पति पत्नी का कुएं में मिला शव l Royal इंटरप्राइजेज के सौजन्य से Addo ब्रांड के टेक्निकल मास्टर क्लास का रामगढ़ में आयोजन | रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न । रामगढ़ एसपी ने पांच पुलिस निरीक्षकों को किया पदस्थापित रामगढ़ में एक डीलर और 11 अवैध राशन कार्डधारियों को नोटिस जारी

रामगढ़ छावनी सीइओ पर अधिनियम की धज्जियां उड़ाने का पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने लगाया आरोप ।

रामगढ़ छावनी परिषद की मंगलवार को हुई में पहली बार रामगढ़ की विधायक ममता देवी शामिल हुई. विधायक के बैठक में शामिल होने से विवाद प्रारंभ हो गया है. विधायक को बैठक में शामिल होने को छावनी अधिनियम 2007 का उल्लंघन बताया जा रहा है. इस संबंध में पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने मुख्य अधिशासी अधिकारी पर छावनी अधिनियम की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है.
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा कि बोर्ड की बैठक में विधायक को किस हैसियत से आमंत्रित किया गया. कहा जा रहा है कि विधायक विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में छावनी परिषद की बैठक में भाग लिया है. जबकि छावनी अधिनियम 2006 में निर्वाचित बोर्ड में छावनी क्षेत्र के सांसद व विधायक को विशेष आमंत्रित सदस्य रखा गया है साथ ही उन्हें बैठक में वोट देने का अधिकार नहीं दिया गया है. लेकिन वैरी बोर्ड (तदर्थ बोर्ड) छावनी अधिनियम 2006 की धारा 13 के उपधारा दो में स्पष्ट लिखा है कि वैरी बोर्ड में स्टेशन कमांडर, सीइओ व एक नामित सदस्य रहेंगे. फिर मंगलवार की बैठक में विधायक कैसे शामिल हुईं.

पूर्व विधायक ने सीईओ पर राजनीति का लगाया आरोप।

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि सीइओ राजनीति कर रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले किसानों से सांसद मिले थे. उसी को लेकर अब विधायक को अहमियत दी जा रही है. उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व वेंडिंग जोन के उदघाटन समारोह में सीइओ ने विधायक को नहीं बुलाया था तथा उदघाटन समारोह में केवल सांसद को बुलाया था. साथ ही सैनिक छावनी में परिषद अध्यक्ष के कार्यालय में हुई बैठक में भी केवल सांसद को शामिल किया गया तथा विधायक को नहीं बुलाया गया. शंकर चौधरी ने आरोप लगाया है कि सीइओ विधायक व सांसद को अपने हिसाब से उपयोग कर जनता के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि परिषद अध्यक्ष को अंधेरे में रख कर छावनी अधिनियम के खिलाफ विधायक को बैठक में भाग लेने को बुलाया गया. श्री चौधरी ने कहा कि छावनी अधिनियम के खिलाफ किये गये सीइओ के इस कार्य की शिकायत रक्षा संपदा के लखनऊ स्थित प्रधान निदेशक, नई दिल्ली स्थित महानिदेशक व रक्षा मंत्री को वे पत्र लिख कर करेंगे.