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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्षों ने मुलाकात की

राँची : (आकाश शर्मा ) जिला परिषद अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री के समक्ष त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु अपनी 9 सूत्री मांगों को रखा
सभी को हक-अधिकार और सम्मान दे रही राज्य सरकार
विकास की गति को तेज करने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम
बेरोजगारी तथा पलायन मुक्त झारखंड का निर्माण लक्ष्य:हेमन्त सोरेन
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे जिला परिषद अध्यक्षों ने मुलाकात की। भेंट-वार्ता के क्रम में जिला परिषद अध्यक्षों ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को शक्तियां एवं सुविधाएं प्रत्योजित किए जाने संबंधी अपने 9 सूत्री मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी गई है कि सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के अधीन 14 विभाग की शक्तियां प्रदत्त की गई हैं। उन सभी विभागों को प्रदान की गई शक्तियों का अक्षरश: पालन कराए जाने एवं झारखंड राज्य के जिला ग्रामीण विकास विभाग (DRDA) का विलय जिला परिषद में होने के बावजूद अभी तक जिला परिषद को स्वतंत्र प्रभार नहीं दिए जाने तथा जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को आवास, वाहन, अंगरक्षक एवं यात्रा भत्ता उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में इन मांगों के अतिरिक्त त्रिस्तरीय पंचायती राज को मजबूत एवं सुदृढ़ करने हेतु कई अन्य मांग भी उल्लेखित है।

सभी को हक-अधिकार और सम्मान दे रही हमारी सरकार

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जिला परिषद अध्यक्षों से कहा कि आपकी मांगों पर राज्य सरकार सकारात्मक पहल करते हुए विधिसम्मत यथोचित कार्यवाही करेगी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। सभी को सम्मान तथा हक-अधिकार मिले इस निमित्त सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को नयी दिशा देने में सरकार लगी हुई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित विकासात्मक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग जानते हैं कि झारखंड में गरीब वर्ग के लोग अधिक संख्या में हैं। गरीब तथा जरूरतमंद वर्ग के लोगों को राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का काम कर रही है। हमारी सरकार से हर वर्ग को उम्मीदें हैं। उनके उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप ही कार्य हो रहा है। सरकार सभी की समस्याओं को सुनकर एक-एक समस्याओं का हल निकाले, राज्य का मुखिया होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है। मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्षों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

सुखाड़ से निपटने के लिए बन रही कार्य योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल से ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का काम कर रही है। इस वर्ष राज्य में सही समय पर बारिश नहीं होने के कारण सुखाड़ की समस्या उत्पन्न हुई है। राज्य सरकार सुखाड़ से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार कर रही है। सुखाड़ की गंभीरता को देखते हुए कई योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्र में लागू किया जाएगा। राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल तक उतारने में आप सभी जनप्रतिनिधियों की भूमिका सबसे अहम होगी। यहां के मजदूर वर्ग को उनका हक-अधिकार मिलता रहे इस निमित्त जल्द ही राज्य सरकार एक नियमावली बनाएगी। हमारे राज्य के मजदूरों का एक बड़ा हिस्सा दूसरे राज्य के बिचौलिया तथा ठेकेदार लेकर जा रहे हैं। हमारी सरकार एक के नियम बनाने जा रही है जिसमें सभी कांट्रेक्टर, बिल्डरों आदि निर्माण कार्य से जुड़े संस्थानों को स्थानीय मजदूरों के साथ काम करने की बाध्यता रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि झारखंड बेरोजगारी तथा पलायन जैसी समस्याओं से मुक्त हो सके।

जनता का काम हो रहा है, जनता आपके साथ खड़ी है
इस अवसर पर विभिन्न जिलों से पहुंचे जिला परिषद अध्यक्षों ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की। राज्य सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद की बैठक में 1932 खतियान आधारित झारखंड का स्थानीय निवासी की परिभाषा एवं पहचान हेतु विधेयक गठन की स्वीकृति दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। जिला परिषद अध्यक्षों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से कहा कि वर्तमान सरकार में जनता का काम हो रहा है जनता सहृदय आपके साथ खड़ी है।
इस अवसर पर बोकारो जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती सुनीता देवी, दुमका जोएस बेसरा (दुमका), श्रीमती श्रद्धा सिंह (धनबाद), उमेश मेहता (हजारीबाग), श्रीमती सुधा चौधरी (रामगढ़), श्री मसीहा पुडिया (खूंटी), श्रीमती किरण माला वाड़ा (गुमला), श्रीमती रीना भगत (लोहरदगा), श्रीमती रोज प्रतिमा सोरेन (सिमडेगा) श्रीमती निर्मला भगत (रांची), श्रीमती बारी मुर्मू (पूर्वी सिंहभूम), सोनाराम बोडरा (सरायकेला), श्रीमती शांति देवी (गढ़वा), श्रीमती प्रतिमा कुमारी (पलामू), श्रीमती पूनम देवी (लोहरदगा) श्रीमती मोनिका किस्कू (साहिबगंज), श्रीमती जोली सिस्ट मनी (पाकुड़) श्रीमती राधा रानी (जामताड़ा), श्रीमती बेबी देवी (गोड्डा), श्रीमती ममता कुमारी (चतरा), रामधन यादव (कोडरमा), उमेश मेहता (हजारीबाग), जिला प्रतिनिधि बोकारो चितरंजन साव, संदीप सोरेन,शेखर सिंह, सूरज सिंह, सुधीर मंडल, चंदन, राजेश बरनवाल, विनय चौधरी, रामदेव सिंह, पवन प्रजापति, गोपाल चौधरी एवं अन्य उपस्थित थे।