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उर्वरक विक्रेताओं के लिए 15 दिवसीय एकीकृत पोषक विषय पर प्रशिक्षण का हुआ समापन

रामगढ़: उर्वरक विक्रेताओं के लिए 15 दिवसीय एकीकृत पोषक विषय पर प्रशिक्षण का सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र मांडू में समापन किया गया। 15 दिनों की अवधि के दौरान कुल 40 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। समापन कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि माननीय सांसद हज़ारीबाग़ लोकसभा क्षेत्र श्री जयंत सिन्हा ने सभी प्रशिक्षणार्थियों के बीच प्रशिक्षण प्रमाण पत्र का वितरण किया।
इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्राप्त जानकरी को किसानों के हित में कारगर करने की बात कही। उन्होंने कहा बदलते दौर में उत्पादन बढ़ाने एवं अधिक मुनाफा लेने हेतु उर्वरकों का उचित प्रबंधन आवश्यक है। इस प्रशिक्षण के बाद मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती, जैव उर्वरक, संरक्षित खेती जैसे विषयों पर जानकारी बढ़ाने से उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी भी स्वस्थ रहेगी।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि श्री अमरेन्द्र गुप्ता ने उर्वरक विक्रेताओं को मिट्टी जांच, फल एवं सब्जी, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं जल प्रबंधन पर बल दिया।

केंद्र के प्रभारी डॉ दुष्यंत कुमार राघव ने बताया कि इस प्रशिक्षण का शुभारंभ डॉ ऐ के सिंह, प्रधान, शोध केंद्र, प्लांडू, रांची द्वारा 23 अक्टूबर को किया गया था। इस प्रशिक्षण में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची आर.सी.ई.आर., पटना, आई.ए.आर.आई., नई दिल्ली, आई ए आर आई, गोरियाकरमा, के.वी.के., बक्सर, के.वी.के., हजारीबाग, जिला कृषि पदाधिकारी, हजारीबाग, इफको एवं कृषकों द्वारा संबंधित विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई।

केंद्र के वैज्ञानिक डॉ इंद्रजीत ने बताया कि विज्ञान केंद्र की इस पहल से उत्पादन के रूप अपनाए जाने से कृषि रोजगार में वृद्धि होगी। इस प्रशिक्षण में हजारीबाग एवं रामगढ़ जिले के प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। डॉ. डी. खेरवार ने प्रशिक्षणार्थियों को पोषक तत्व की कमी से फलों एवं सब्जियों में लगने वाले रोग एवं बीमारियों के बारे में विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया। श्री आशीष बालमुचू ने प्रशिक्षणार्थियों को व्यवसाय बढ़ाने में संचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन के दौरान केंद्र के शशीकांत चौबे एवं प्रशिक्षणार्थियों समेत कई लोग उपस्थित थे।