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तीन माैताें के बाद गांवाें में पसरा मातम, ग्रामीणाें ने साधी चुप्पी

ग्वालियर। सूरो पंचायत के मिर्धा खेरिया व चंदूपुरा गांव में जहरीली शराब से प्रदीप, विजय परिहार व रवि की मौत के बाद मातम छाया हुआ है। ग्रामीण इस पूरे मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। बुधवार की सुबह से ही इन दोनों गांवों में सरकार गाडियां दौड़ रहीं हैं। अधिकारी चक्कर लगा रहे हैं। मृतकों के स्वजनों से बात कर रहे हैं। इन दोनों गांवों में नेताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। भाजपा नेता कप्तान सिंह सेहसारी व कांग्रेसी नेता साहब सिंह गुर्जर भी पहुंचे। परिवार के लोगों से बात की। मृतक के घरवाले भी जहरीली शराब कहां से आई, इस संबंध में अनभिज्ञता जता रहे हैं।

खेत देखने गए थे, तड़के हालत बिगड़ी, अस्पताल ले जाते समय हुई मौतः मिर्धा खेरिया निवासी 65 साल के विजय परिहार के चार बेटे हैं। कोमल सिंह, मनोज सिंह, मुकेश व जितेंद्र हैं। कोमल सिंह सूरो पंचायत का सरपंच भी रह चुका है। परिवार के लोगों ने बताया कि उनका खेत एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंदूपुरा में 12 बीघा का खेत हैं। भाई दूज की दोपहर अकेले खेत पर देखने के लिए गए थे। शाम को नशे की हालत में घर आए थे। अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। रात में इनकी हालत बिगड़ी। हम लोगों ने समझा नशा ज्यादा हो गया। नशा उतारने के लिए नीबू पानी दिया, बताशों में देसी घी भरकर दिया। उसके पेट में भी सूजन आ गई थी। उसके बाद विजय ने बताया कि उसे दिखाई नहीं दे रहा है। इस बीच तड़के ही बच्चे खेत पर चले गए थे। उन्हें बुलाकर विजय को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वापस घर ले आए और अंतिम संस्कार भी कर दिया। बाद में मालूम पड़ा कि इनकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। वृद्ध ने चंदूपुरा के प्रदीप व अन्य लोगों के साथ सरकारी स्कूल में बैठकर शराब पी है।

प्रदीप शराब पीने का आदी नहीं हैं, उस दिन इन लोगों के साथ बैठ गयाः चंदूपुरा के प्रदीप परिहार के पिता सुल्तान सिंह ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। प्रदीप बड़ा था। उससे छोटा बेटा अनूप व तीसरे नंबर का राजकुमार हैं। 10 साल पहले झगड़े में प्रदीप के पेट में गोली लगने से परेशान था। उसका हाल में आपरेशन भी हुआ था। घरवालों का कहना है कि प्रदीप शराब पीने का आदी नहीं था। कभी-कभार पी लेता था। मंगलवार की रात को इन लोगों की हालत बिगड़ी। अनूप ने बताया कि उसे बाइक पर बैठाकर पहले जिला चिकित्साल मुरार ले गया, जहां से जेएएच भेज दिया। अनूप ने बताया कि रात में बड़े भाई ने गले लगकर कहा मैं अब नहीं बच पाऊंगा। मृतक के घरवालों ने बताया कि यह लोग कहां से शराब लाए, उन्हें नहीं पता। आबकारी विभाग की टीम ने भी मृतक के घरवालों से पूछताछ की।