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भेड़ाघाट और सतपुड़ा को विश्व धरोहर बनाने का दावा कर रही प्रदेश सरकार

जबलपुर। संस्कारधानी के सौंदर्य भेड़ाघाट को विश्व में महत्व दिलाने की मुहिम चल रही है। विशेषज्ञों ने भी माना है कि प्रदेश में फिलहाल भेड़ाघाट और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ऐसे प्राकृतिक स्थल हैं जिन्हें विश्व धरोहर के तौर पर घोषित किया जाना चाहिए। जिसके लिए मप्र पर्यटन निगम ने वाइल्ड लाइफ आफ इंडिया देहरादून को विश्व धरोहर के लिए मजबूत दावा बनाने की जिम्मेदारी दी है। ताकि उस दावे को यूनेस्को के समक्ष पेश किया जा सके। ​यदि सब ठीक हुआ तो यूनेस्कों की टीम का विश्व धरोहर घोषित करने के लिए इन स्थलों का निरीक्षण होगा। उन्हें सब सही लगने पर ही विश्व धरोहर की मान्यता मिलेगी।

विशेषज्ञों ने अद्वभुत सौदर्य का नमूना माना : जबलपुर से लगे भेड़ाघाट को अभी तक देहरादून वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों ने अद्वभुत सौदर्य का नमूना माना है। इसमें भेड़ाघाट के धुंआधार जल प्रप्रात के अलावा नर्मदा नदी के भूगौलिक महत्व, उसकी संरचना, संगमरमरीय चट्टानें, लम्हेटाघाट में मिले अवशेष, चौसठ योगिनी मंदिर की प्राचीन प्रतिमाएं, मार्बल के पहाड़ों के बीच बहती नर्मदा समेत कई ऐसे तथ्यों को जुटाया गया है जिसके माध्यम से ये दावा मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में भी औषधीय पौधे, हिल स्टेशन और ऐतिहासिक महत्व होने का दावा किया जा रहा है। विशेषज्ञों को लगता है कि यूनेस्कों से इन दोनों स्थानों को विश्व धरोहर घोषित करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे यूनेस्को के अधिकारी : वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून के विशेषज्ञ भुमेश ने कहा कि अभी यूनेस्कों को प्रस्ताव भेजने में ही दो माह का वक्त लग सकता है। इसके लिए बहुत तथ्यों को प्रमाणित कर तैयार करना होगा। रिपोर्ट भेजने के बाद उसका अध्ययन यूनेस्कों के अधिकारी करेंगे। यदि उन्हें तथ्यों में रुचि पैदा हुई तो अपनी टीम दोनों स्थलों पर भेजकर जांच करवाएंगे। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

पचमढ़ी में पिछले दिनों विशेषज्ञ जुटे थे जिनके बीच भेड़ाघाट और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को विश्व धरोहर बनाने के पीछे तर्क-वितर्क हुए। उद्देश्य दावा किस तरह से मजबूत है इसे चर्चा में लाना। भेड़ाघाट की खूबियां बहुत है जो इसे अनोखा बनाता है।

– सुरेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र पर्यटन निगम