Logo
ब्रेकिंग
स्वीप" अंतर्गत वोटर अवेयरनेस को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुआ मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन... *हमारा लक्ष्य विकसित भारत और विकसित हज़ारीबाग: जयंत सिन्हा* आखिर कैसे हुई पुलिस हाजत में अनिकेत की मौ' त? नव विवाहित पति पत्नी का कुएं में मिला शव l Royal इंटरप्राइजेज के सौजन्य से Addo ब्रांड के टेक्निकल मास्टर क्लास का रामगढ़ में आयोजन | रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न ।

निकाय चुनाव और अनाज खरीद के कारण मध्‍य प्रदेश में फिर अटकेंगे सहकारी संस्थाओं के चुनाव

भोपाल। प्रदेश में प्रस्तावित स्थानीय निकाय के चुनाव और अनाज की खरीद के कारण सहकारी समितियों के चुनाव फिर अटकेंगे। ढाई हजार से ज्यादा सहकारी समितियों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का जिम्मा सौंपा गया है। खरीद का काम मई तक चलेगा। ऐसे में चुनाव की संभावना नहीं है क्योंकि पूरा अमला इसी काम में लगा रहेगा। माना जा रहा है कि अब बारिश के बाद ही समितियों के चुनाव होंगे। तब तक संस्थाओं का काम चलाने के लिए मौजूदा प्रशासक वाली व्यवस्था ही प्रभावी रहेगी। इन्हें मदद करने के लिए नए संशोधन के हिसाब से सलाहकार समिति बनाई जा सकती है।

प्रदेश में लगभग सवा चार हजार सहकारी समितियां और 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंक हैं। इन सभी के चुनाव करीब तीन साल से लंबित हैं। इसके लिए बार-बार सदस्यता सूची भी तैयार की गई पर चुनाव नहीं हो पाए। इस दौरान समिति के संचालक बनने के लिए अऋणी सदस्य और गैर कृषकों के प्रतिनिधि को पात्रता देने का संशोधन नियमों में हो गया। इसके तहत सदस्यता सूची तैयार होनी है। राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकार मनीष श्रीवास्तव का कहना है कि सदस्यता सूची में सुधार का काम चल रहा है।

समितियां गेहूं की खरीद के काम में व्यस्त हो गई हैं। पूरा अमला इसी काम में लगा है। सदस्य किसान भी इसमें जुटे हैं। वहीं, पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारी भी चल रही है। ऐसे में चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति, समितियों के गेहूं खरीद करने, किसानों के उपज बेचने, पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी को देखते शासन अंतिम निर्णय लेगा।

उधर, विधानसभा सचिवालय ने सहकारी अधिनियम संशोधन विधेयक को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पास अनुमति के लिए भेज दिया है। अनुमति के मिलते ही विभाग इसे लागू करेगा। इसमें प्रशासकों की मदद के लिए सलाहकार समिति बनाई जाएगी।