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इंदौर के गैंगस्टर को मसूरी की होटल में मौज-मस्ती कराने वाले दो जवान बर्खास्त, प्रधान आरक्षक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

इंदौर। इंदौर के चर्चित संदीप ‘तेल’ अग्रवाल हत्याकांड के मास्टरमाइंड रोहित सेठी को पेशी पर मसूरी ले जाकर होटल में मौज-मस्ती कराने के मामले की विभागीय जांच पूरी हो गई। ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने आरोपित को पेशी पर ले जाने वाले प्रधान आरक्षक त्र्यंबक राव को अनिवार्य सेवानिवृति व आरक्षक एडविन तिरकी व संजय कुमार को बर्खास्त कर दिया। तीन अन्य आरक्षकों को भी दंडित किया गया है

एसपी सांघी ने बताया मामला वर्ष 2019 का है। इंदौर के संदीप तेल हत्याकांड के आरोपित रोहित सेठी को ग्वालियर सेंट्रल जेल में रखा गया था। पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्र्यंबक राव, आरक्षक जितेंद्र, संजय एडविन, तिरकी व अमित आरोपित को पेशी पर मसूरी ले गए थे। जवान आरोपित को मसूरी के थाने में रखने की बजाए होटल में रखते थे। इस पर तत्कालीन एसपी ने प्रधान आरक्षक व पांच अन्य सिपाहियों को निलंबित किया था। इसकी विभागीय जांच चल रही थी।
जांच में आरोपित को पेशी पर ले जाने वाली पुलिस टीम को दोषी पाते हुए त्र्यंबक राव को जबरिया सेवानिवृत कर दिया है। उसकी एक साल की नौकरी ही बची थी। आरक्षक एडविन तिरकी व संजय को पुलिस सेवा से पृथक कर दिया है।
यह है मामला
वर्ष 2019 को रक्षित निरीक्षक देवेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर सेवानिवृत प्रधान आरक्षक त्र्यंबक राव के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम पेशी पर मसूरी लेकर जाती थी। ये लोग आरोपित को देहरादून ट्रेन से ले जाने के लिए वारंट लेते थे, लेकिन रोहित को लग्जरी कार से ले जाते थे। मसूरी में कोर्ट में पेशी के बाद रोहित को होटल में रुकवाते थे। होटल में उसकी प्रेमिका आस्मा भी आ जाती और उसके कमरे में ही रुकती थी। वहीं प्रेमिका की हीरे की अंगूठी गुमने पर हंगामा हुआ था। रोहित ने होटल स्टाफ से मारपीट भी की थी।
स्टाफ की सूचना पर उत्तराखंड पुलिस मौके पर पहुंची, तो इन लोगों ने भागने का प्रयास किया था, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने पकड़ लिया था। यह मामला तत्कालीन एसपी के संज्ञान में आने पर पुलिस टीम को निलंबित कर मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में तत्कालीन आरआइ देवेंद्र सिंह यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।