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कांजी हाउस में धूल फांक रही फायर ब्रिगेड, नगर परिषद की ये लापरवाही 62 गांव पर पड़ेगी भारी!

जबलपुर: जिस फायर ब्रिगेड की जिम्मेदारी आग बुझाने की है, वह कैद होकर रह गई है, हाल ये है कि इस फायर ब्रिगेड में  कहने को तो कर्मचारी 24 घंटे के लिए तैनात हैं। लेकिन सिर्फ कागजों में वास्तविक रूप में इसमें कोई भी कर्मचारी आपको नहीं मिलेगा यानी किसी गांव में आग लग जाए तो गांव का गांव जल जाए। लेकिन यह फायर ब्रिगेड आग बुझाने के लिए नहीं पहुंच पाएगी। यह फायर ब्रिगेड कैद है। जबलपुर के पनागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नगर पालिका पनागर में, यहां 25 हजार से भी अधिक आबादी है, तो वहीं जनपद के अंतर्गत आने वाली 62 ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं। जिनमें 130 से भी अधिक गांव आते हैं।पनागर का ये इकलौता फायर बिग्रेड वाहन है लेकिन ये कांजी हाउस के अंदर महीनों से बंद पड़ा है। हालांकि शासन ने ड्राइवर सहित 4 कर्मचारियों को यहां नियुक्त कर रखा है। इसके बावजूद दमकल वाहन के आसपास किसी का भी अता पता नही रहता है, मीडिया ने जब इसकी जांच की तो दमकल वाहन के कुछ कर्मचारी नगरपालिका में आराम फरमाते मिले तो कुछ का तो अता पता ही नहीं रहा। ऐसे में अगर कहीं कोई दुर्घटना घटे तो नगर पालिका से 500 मीटर दूर जाने और दमकल कर्मचारियों के एकत्र होने में ही कई घंटे लगेंगे। तब तक बड़ी तबाही मच सकती है। जिसकी भरपाई करना शायद ही संभव हो इन दिनों चारों ओर खेत मे गेंहू की फसल लगी हुई है। जो पकने की कगार में खड़ी है, तो कुछ किसानों की फसल तो सूख भी चुकी है। लापरवाही या शार्ट सर्किट के कारण हर वर्ष कहीं न कहीं फसल में आग लगने से किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। ऐसे में अगर पनागर में खड़ी एक मात्र दमकल वाहन का यह हाल रहा हो होने वाले नुकसान का अंदाजा भी नही लगाया जा सकता है।

इस फायर बिग्रेड में तैनात संतोष बेलवंसी ड्राइवर है जो फायर ब्रिगेड को छोड़ स्थापना शाखा भी सम्हाल रहे हैं वही बेड़िलाल ड्राइवर मुख्य नगर पालिका अधिकारी का वाहन चला रहे हैं, तो वहीं मनोज दुबे हेल्पर राम वार्ड और बजरंग वार्ड में टेक्स वसूली कर रहे हैं, तो रमेश पहलवान हेल्पर इन दिनों कचरा वाहन में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। सतीश वंशकार लोन का काम देख रहे हैं। सतीश सोनी पीडब्लूडी विभाग में भृत्य का काम कर रहे हैं। तो कृष्ण कुमार तिवारी शिवाजी वार्ड में टेक्स वसूली कर रहे हैं। यानी की इन सब की ड्यूटी फायर ब्रिगेड में है लेकिन ये सब वहां से नदारद हैं। ऐसे में सवाल होता है अगर कोई बड़ी दुर्घटना हुई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।