उच्च स्तरीय समिति ग्वालियर-चंबल चिटफंड कंपनियों के मामलों की जांच करेगी शिवराज सरकार

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भोपाल,। मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल चिटफंड कंपनियों के मामलों की जांच उच्च स्तरीय समिति करेगी। आज सहाकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया ने बताया कि ग्वालियर और चंबल अंचल में चिटफंड कंपनियों द्वारा गड़बड़ियों के मामलों की जांच उच्च स्तरीय समिति द्वारा कराई जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में लोगों को चूना लगाने वाली चिटफंड कंपनियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच दल का गठन किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविन्द सिंह द्वारा ग्वालियर में सहकारी सोसाइटी के माध्यम से चिटफंड कंपनियों का अवैध कारोबार होने के बारे में विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान उठाए गये सवाल का जवाब देते हुए भदौरिया ने यह जानकारी दी।

आगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग के चार जिलों भिण्ड, मुरैना, ग्वालियर एवं दतिया के लिए बात कर रहे हैं, लेकिन मैं कह रहा हूं कि गुना, शिवपुरी एवं अशोकनगर ऐसे पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जितने भी इस प्रकार की सोसाइटी हैं, उन सभी की उच्च स्तरीय जांच करवा लेते हैं और जो भी इसमें लिप्त होगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

भदौरिया ने कहा कि हालांकि, कई बार बहु राज्यीय सोसाइटियों पर कार्रवाई करते समय दिक्कत आती है, क्योंकि वे राज्य के क्षेत्राधिकार में न आकर केन्द्र सरकार के अधिकार में आती हैं, लेकिन पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जो भी गड़बडियां होंगी, इसकी समय पर जांच कराकर उन पर कार्रवाई करेंगे।

इसके बाद कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि पूरे प्रदेश में ही चिटफंड चल रहा है। जबलपुर में 15 दिन पहले एक चिटफंड कंपनी लोगों के करोड़ों रुपये लेकर भाग गई है। ऐसे में पूरे प्रदेश में एक आदेश देना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि जिनकी सूचना होगी, उनकी जांच करा लेंगे। वहीं कांग्रेस विधायक पी. सी. शर्मा, हिना कावरे, आरिफ मसूद औरनारायण सिंह पट्टा ने कहा है कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में चिट फंड कंपनियों ने करोड़ों लोगों को ठगा है। ऐसे में यह जांच बहुत महत्वपूर्ण है।

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