मध्य प्रदेश के सांसदों ने भी माना- निजी परिवहन सेवा अनियंत्रित, सरकारी बसें सुरक्षित

भोपाल। सीधी में हुए बस हादसे के बाद निजी बस सेवाओं के बेलगाम संचालन को लेकर व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस हादसे को लेकर लोगों की मंशा है कि लोक परिवहन पर सरकारी नियंत्रण हो। लिहाजा प्रदेश की जनता की मंशा का सांसदों से इस बारे में उनकी राय जानी। सभी ने लोक परिवहन को निजी हाथों में दिए जाने को सही नहीं बताया। सभी जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि सरकारी नियंत्रण में लोक परिवहन का संचालन किया जाए।

राज्य परिवहन की सेवा शुरू होनी चाहिए। इंदौर का एआइसीटीएसएल मॉडल प्रदेश में अपनाया जा सकता है। – शंकर लालवानी, सांसद, इंदौर

राज्य परिवहन की बसें चलनी चाहिए। इससे निजी बस संचालकों की मनमानी पर रोक लगेगी। मैंने पत्र भी लिखा है।- अनिल फिरोजिया, सांसद, उज्जैन

लोक परिवहन में सरकार का प्रभावी नियंत्रण बेहद अहम है। सरकार खुद भी लोक परिवहन का संचालन कर सकती है। – विवेक शेजवलकर, सांसद, ग्वालियर

सरकारी बसों की शुरुआत इलेक्ट्रिक या सीएनजी बसें चलाकर करनी चाहिए। मैं परिवहन मंत्री से बात करूंगा। – डॉ. केपीएस यादव, सांसद, गुना

सरकारी बसों के संचालन का अलग महत्व है। जहां तक हादसे रोकने की बात है तो सावधानी बरतने से हादसे रुकते हैं।– रोडमल नागर, सांसद, राजगढ़

केंद्र सरकार ने सरकारी बस सेवाओं को लेकर कुछ कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश में हम भी चाहेंगे कि बसें सरकार भी चलाए।– सुधीर गुप्ता, सांसद, मंदसौर

सरकारी बसें संचालित करने का समर्थन करता हूं। जनहित में सरकारी बसों की सेवाएं फिर से शुरू करनी चाहिए। – जीएस डामोर, सांसद, रतलाम-झाबुआ

प्रदेश में सुरक्षित परिवहन के लिए लोक परिवहन की व्यवस्था होनी चाहिए। मैं मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखूंगी। – संध्या राय, सांसद, भिंड-दतिया

महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों में सरकारी परिवहन व्यवस्था है। इससे लोगों को निजी बसों से छुटकारा मिलेगा।  दुर्गादास उइके, सांसद, बैतूल

चाहे बस परिवहन सेवा सरकारी हो या प्राइवेट, इसमें सावधानी व सुरक्षा के साथ नियमों का पालन करवाना चाहिए। – छतर सिंह दरबार, सांसद धार

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