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मेडिकल एडमिशन घोटाले में 8 लोगों को कोर्ट से राहत, अग्रीम जमानत मंजूर

ग्वालियर: भोपाल के बहुचर्चित चिरायु मेडिकल कॉलेज में हुए एडमिशन घोटाले में आठ लोगों को हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच से अग्रिम जमानत का लाभ मिला है। इसमें कालेज के प्रोफेसर बृजेंद्र मिश्रा भी शामिल हैं। इसके अलावा कॉलेज प्रबंधन से जुड़े कुछ और लोग एवं छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। जमानत का लाभ लेने वाले सभी लोगों को 24 फरवरी को सीबीआई कोर्ट में उपस्थित होकर अपने जमानत को कंफर्म कराना होगा।

दरअसल भोपाल के निजी मेडिकल कॉलेज यानी चिरायु मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 में सरकारी कोटे की सीटों को पहले गलत तरीके से भरा गया फिर उन्हें खाली करके अपात्र छात्रों को पीएमटी के जरिए  एडमिशन दे दिया गया। आरोप है कि इसके बदले कालेज प्रबंधन द्वारा लाखों की वसूली की गई थी जिसमें कुछ मेडिकोज डीएमई कार्यालय और कालेज प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल थे। पहले इस मामले की एसआईटी ने जांच की थी जिसमें 3 लोगों को आरोपी बनाया गया था बाद में मामला सीबीआई के सुपुर्द हो गया।

आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी की शिकायत पर ग्वालियर झांसी रोड थाने में यह मामला दर्ज किया गया था। बाद में सीबीआई ने इसमें 57 आरोपी बनाए थे जिसमें डीएमई ऑफिस चिरायु मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और छात्र छात्राएं शामिल थे। अधिकांश छात्र-छात्राओं को जांच में सहयोग करने की शर्त पर अग्रिम जमानत का लाभ मिल चुका है। कुछ छात्र नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए हैं उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी सीबीआई कोर्ट से जारी किया गया है। गुरुवार को हाईकोर्ट से प्रोफेसर बृजेंद्र मिश्रा सहित आठ लोगों को जमानत का लाभ मिला है। डॉ मिश्रा चयन समिति के सदस्य थे। कॉलेज की एक महिला के छुट्टी जाने पर उन्हें कमेटी में शामिल किया गया था सीबीआई ने इसी वजह से उन्हें आरोपी माना है।