पिता की मौत के बाद बेटी ने पूरा किया सपना, फ्लाइंग ऑफिसर बनेंगी ऐश्वर्या

इंदौर: कहा जाता है कि बेटियां बेटों से कम नहीं होती है। बेटियां हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ रही हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है इंदौर शहर की एक बेटी ने जिसने अपनी पिता की मौत के बाद भी पिता का सपना पूरा किया है। शहर के पास रहने वाली ऐश्वर्या शर्मा ने 50 हजार लोगों को पीछे छोड़ते हुए वायु सेना में ऑफिसर बनने का मुकाम हासिल किया है। ऐश्वर्या शर्मा के पिता का सपना था कि उनकी बेटी भी सेना में शामिल होकर देश की सेवा करें।

ऐश्वर्या शर्मा बनीं फ्लाइंग ऑफिसरवायु सेना की तकनीकी शाखा में हुआ चयन
इंदौर के समीप रहने वाली ऐश्वर्या शर्मा ने वायु सेना की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 11 में हिस्सा लिया था जिसमें करीब 50 हजार प्रतिभागी शामिल हुए थे। इन 50 हजार प्रतिभागियों में से 214 प्रतिभागियों का चयन वायु सेना के विभिन्न पदों के लिए किया गया है। इन 214 चयनित प्रतिभागियों में ऐश्वर्या शर्मा भी शामिल हैं। वायु सेना की ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग के बाद ऐश्वर्या विमानों की तकनीकी विभाग में अपनी सेवाएं देंगी। ऐश्वर्या शर्मा के पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा नेवी में ऑफिसर थे।

उनका सपना था कि उनकी बेटी भी उन्हीं की तरह देश की सेवा करें। इसी के चलते पिता का सपना साकार करने के लिए ऐश्वर्या ने वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर की तैयारी शुरू दी। दूसरी बार की कोशिश में वे वायु सेना के फ्लाइंग ऑफिसर की तकनीकी शाखा में चयनित हुईं। अब ऐश्वर्या डेढ़ साल की ट्रेनिंग के बाद मुख्य रूप से फ्लाइंग ऑफिसर का काम करेंगी।

ऐश्वर्या शर्मा ने पंजाब केसरी से बात करते हुए कहा कि 2019 में पिता का देहांत हुआ था। उसके कुछ समय पूर्व ही मेरा ग्रेजुएशन पूरा हुआ था। पिता के देहांत के बाद घर पर सिर्फ मां और हम दो बहने हैं। पिताजी के सपने के लिए मैंने वायु सेना की परीक्षा की तैयारियां शुरू की पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली। लेकिन हार न मानते हुए तैयारी जारी रखी। जिसके बाद दूसरे प्रयास में सफलता हासिल हुई और वायु सेना में तकनीकी शाखा में चयन हुआ।

विमानों के तकनीकी और रखरखाव का होगा काम
18 महीने की ट्रेनिंग के बाद ऐश्वर्या का काम आधुनिक विमानों और मालवाहक जहाज की मशीनों का रखरखाव का काम होगा। बतौर फ्लाइंग ऑफिसर अपना काम संभालने के लिए उन्हें हैदराबाद एयरपोर्ट एकेडमी में छह महीने की जनरल ट्रेनिंग और एयरफोर्स टेक्निकल कॉलेज बेंगलुरु में 1 साल से ज्यादा समय की ट्रेनिंग लेनी होगी।

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