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आपत्ति एवं प्रमाण देने के बाद भी मतदाता सूची से नहीं हटाए फर्जी नाम, नोटिस जारी

इंदौर। आपत्ति एवं प्रमाण देने के बावजूद मतदाता सूची से फर्जी नाम नहीं हटाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने निर्वाचन अधिकारी को कानूनी नोटिस भेजा है। आरोप है कि नगर निगम चुनाव के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा अंतिम प्रकाशित की गई मतदाता सूची में लगभग 50 हजार नाम फर्जी है। इनके संबंध में आपत्तियां और प्रमाण प्रस्तुत करने के बावजूद इन्हें मतदाता सूची से हटाया नहीं गया। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस महासचिव दिलीप कौशल की ओर से वरिष्ठ अभिभाषक मनोहर दलाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी को नोटिस भेजा है। कहा है कि तीन दिन में मतदाता सूची से फर्जी नाम नहीं हटाए गए तो वे इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।

इंदौर जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा इंदौर नगर निगम के चुनाव के लिए मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित कर दावे आपत्तियां बुलाई गई थीं। कौशल ने मप्र शासन की सर्वे रिपोर्ट सहित 500 पेज के प्रमाण सहित आपत्तियां प्रस्तुत की थीं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कौशल ने आरोप लगाया था कि इंदौर नगर निगम क्षेत्र बताए गए 13502 परिवार नगर निगम क्षेत्र में निवास ही नहीं करते हैं लेकिन उनके नाम 2020 की अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। शिकायत की जांच का जिम्मा विधानसभावार नियुक्त रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सौपा गया था। उनसे कहा गया था कि वे जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें जो अब तक लंबित है।

फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग और मप्र निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाचन आयोग को निर्देशित भी किया इसके वाद भी फर्जी नाम मतदाता सूची से हटाए नहीं गए। इस पर वरिष्ठ अभिभाषक दलाल ने कौशल की ओर से कानूनी नोटिस भेजा है। दलाल का कहना है कि अब तक निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में मामला उच्च न्यायालय के समक्ष जाता है तो निगम चुनाव लंबित हो सकते हैं।