रजरप्पा मंदिर के खुलने का लोगों को इंतजार, सरकार के आदेश पर टिकी है सबकी निगाहें

आस्था व रोजगार को देखते हुये राज्य सरकार जल्द ही मन्दिर खोलने पर विचार करे : श्रद्धालु

रजरप्पा : देश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ रजरप्पा स्थित माँ छिन्नमस्तिका मन्दिर खोलने को लेकर हाइकोर्ट के आदेश के बाद अब मंदिर को खोलने वाली चाबी राज्य सरकार के हाथों में है। सात महीनों से बन्द इस भगवती दरबार को खुलने की आस श्रद्धालु, पंडा समाज व दुकानदार से लेकर यहाँ से रोजी-रोटी कमानेवाले सैकड़ों लोग कर रहे हैं।
कोरोना काल में सात महिनों से बन्द रजरप्पा मंदिर को नौरात्र से पूर्व या बाद में खोलने पर विचार करने का आदेश राँची हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया है। जिसके बाद अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले आदेश पर टिकी है। सभी को आस है कि आस्था व रोजगार को देखते हुये राज्य की हेमन्त सरकार जल्द ही रजरप्पा मन्दिर को खोलने पर विचार करेगी।
वही बंगाल से आनेवाले श्रद्धालुओं का कहना है कि सात महीनों से बंदी के कारण भक्तों को परेशानी तो हो ही रही है। साथ ही रजरप्पा के दुकानदार कोरोना से कम भूक से ज्यादे मरेंगे। इस कारण सरकार जल्द मंदिर खोलने का निर्णय ले।

अगर मंदिर खोलने में देर हुई तो मालाकारों को होगा लाखों का नुकसान

वही मंदिर खुलने की आस में आसपास के मालाकार समुदाय के लोग भी अपने खेतों में फ़ूलों की खेती कर ली है। जो अब कली से फूल बन चुके हैं। अगर रजरप्पा मंदिर खुलने में देरी होती है, तो इन गरीब लोगों को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रजरप्पा मंदिर खोले जाने को लेकर हुये पहल का स्वागत करते हुये सांसद प्रतिनिधि रणंजय कुमार उर्फ कुण्टू बाबू ने कहा कि यह जनहित में अच्छा कदम है। अब सरकार इसपर सार्थक पहल करे।
रजरप्पा मन्दिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। साथ ही यह एक पर्यटन स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है। श्रद्धालु, पंडा समाज व दुकानदार से लेकर यहाँ से रोजी-रोटी कमानेवाले सैकड़ों लोगों के हित को देखते हुये मंदिर का खुलना सरकार की एक सार्थक पहल होगी।

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