Rajrappa माँ छिन्नमस्तिका मंदिर में स्थानीय गोताखोरों को रखने की बढ़ी मांग

बीते शुक्रवार को 4 लोग इस नदी में बह गए थे

yamaha

रजरप्पा: देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा स्थित माँ छिन्नमस्तिका मंदिर में शुक्रवार को चार लोगों के नदी के तेज बहाव में बह जाने की घटना सामने आई थी। हांलांकि सभी को स्थानीय गोताखोरों ने बचा लिया था। मगर अब यहाँ प्रशासन से स्थाई गोताखोर रखने की माँग उठनी शुरू हो गई है।

देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा स्थित माँ छिन्नमस्तिका मंदिर के दोनों छोर पर कल-कल बहते दामोदर व भैरवी नदियों का एक धार्मिक महत्व है। रजरप्पा आनेवाले श्रद्धालु यहाँ स्नान कर ही भगवती के दर्शन को पहुँचते हैं। वहीँ कई बार यह नदियाँ यहाँ आनेवाले श्रद्धालुओं के लिये काल भी साबित हो जाती है। मगर यहाँ स्थानीय गोताखोरों की सजगता ने कई लोगों की जान भी बचाई है। शुक्रवार की घटना के बाद लोग यहां स्थाई गोताखोर रखने की मांग करने लगे हैं। क्योंकि स्थानीय गोताखोरों का कहना है कि ऐसी घटना में हमलोगों को आर्थिक क्षति होती है। परन्तु प्रशासन इसपर ध्यान भी नहीं देती।

अस्थाई गोताखोर के लिए प्रशासन को लिखेंगे चिट्ठी : थाना प्रभारी

रजरप्पा थाना के प्रभारी विनोद मुर्मू का भी मानना है कि यहाँ एक स्थायी गोताखोर रहना जरूरी है। ताकि समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने इसके लिये प्रशासन को चिट्ठी लिखने की भी बात कही।

प्रशासन अगर इन नदियों में स्थायी गोताखोर नियुक्त करता है, तो कई मासूम श्रद्धलुओं की जिंदगी बचाई जा सकती है। प्रशासन को इसपर पहल करनी चाहिये।

raja moter
Leave A Reply

Your email address will not be published.