सरकार किसान विरोधी अध्यादेश लाकर किसानों पर कहर बरपा रही है: महेंद्र पाठक #रामगढ़

किसान विरोधी अध्यादेश वापस ले केंद्र और राज्य सरकार, पूरे देश में किसानों का होगा आंदोलन

रामगढ़ : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय मंजूर भवन में 14 सितंबर को किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉक्टर बी एन ओहदार ने किया । मौके पर मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव महेन्द्र पाठक, एआईआईएफ के प्रदेश सचिव विष्णु कुमार, अखिल भारतीय किसान महासभा के भुवनेश्वर बेदीया ,किसान संग्राम समिति के सफीक अनसारी, सहित कई लोग मौजूद थे।

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रामगढ़ : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय मंजूर भवन में 14 सितंबर को किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉक्टर बी एन ओहदार ने किया । मौके पर मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव महेन्द्र पाठक, एआईआईएफ के प्रदेश सचिव विष्णु कुमार, अखिल भारतीय किसान महासभा के भुवनेश्वर बेदीया ,किसान संग्राम समिति के सफीक अनसारी, सहित कई लोग मौजूद थे। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि केंद्र की सरकार किसान विरोधी अध्यादेश लाकर किसानों पर कहर बरपा रही है। वही संपूर्ण बीजली को निजी करण के हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। अगर बिजली निजी हाथों में चला जाएगा तो ₹10 प्रति यूनिट बिजली का बिल होगा। ए तीनों अध्यादेश के कारण किसान हाशिए पर चले जाएंगे। इसका फायदा देश के बड़े-बड़े उद्योगपति और पूंजीपतियों का होगा। पिछले दिन कोल इंडिया ने भी किसान विरोधी निर्णय लिया है। विस्थापितों को अब जमीन के बदले केवल मुआवजा एवं जमीन का भाड़ा दिया जाएगा , इससे विस्थापितों को काफी नुकसान होगा, नौकरी नहीं देने का निर्णय कोल इंडिया का किसान विरोधी निर्णय है। यह निर्णय सरकार वापस नहीं लेती है , तो झारखंड से एक छटाक भी कोयला बाहर नहीं जाने दिया जायेगा lकोयला का उत्पादन झारखंड में ही होता है, सारे कॉल ब्लॉक झारखंड में ही आ रहे हैं। इसलिए राज्य स्तर पर विरोध जारी रहेगा , राज्य सरकार से किसान सभा मोटेशन एक्ट को वापस लेने की मांग करती है। क्योंकि मोटेशन एक्ट से भ्रष्ट अधिकारियों के बचाने के लिए हेमंत की सरकार ने मोटेशन एक्ट लाया है । प्रदर्शन में किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक महेंद्र पाठक, डॉक्टर बी एन ओहदार, एआई वाई एफ के प्रदेश सचिव विष्णु कुमार ,मेवालाल प्रसाद, कयुम मल्लिक ,राजकिशोर बेदीया, चितरंजन महतो ,भुनेश्वर बेदीया, सफीक अंसारी, सरजू बेदीया सहित कई लोग मौजूद थे।

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उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि केंद्र की सरकार किसान विरोधी अध्यादेश लाकर किसानों पर कहर बरपा रही है। वही संपूर्ण बीजली को निजी करण के हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। अगर बिजली निजी हाथों में चला जाएगा तो ₹10 प्रति यूनिट बिजली का बिल होगा। ए तीनों अध्यादेश के कारण किसान हाशिए पर चले जाएंगे। इसका फायदा देश के बड़े-बड़े उद्योगपति और पूंजीपतियों का होगा। पिछले दिन कोल इंडिया ने भी किसान विरोधी निर्णय लिया है। विस्थापितों को अब जमीन के बदले केवल मुआवजा एवं जमीन का भाड़ा दिया जाएगा , इससे विस्थापितों को काफी नुकसान होगा, नौकरी नहीं देने का निर्णय कोल इंडिया का किसान विरोधी निर्णय है। यह निर्णय सरकार वापस नहीं लेती है , तो झारखंड से एक छटाक भी कोयला बाहर नहीं जाने दिया जायेगा lकोयला का उत्पादन झारखंड में ही होता है, सारे कॉल ब्लॉक झारखंड में ही आ रहे हैं। इसलिए राज्य स्तर पर विरोध जारी रहेगा , राज्य सरकार से किसान सभा मोटेशन एक्ट को वापस लेने की मांग करती है। क्योंकि मोटेशन एक्ट से भ्रष्ट अधिकारियों के बचाने के लिए हेमंत की सरकार ने मोटेशन एक्ट लाया है । प्रदर्शन में किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक महेंद्र पाठक, डॉक्टर बी एन ओहदार, एआई वाई एफ के प्रदेश सचिव विष्णु कुमार ,मेवालाल प्रसाद, कयुम मल्लिक ,राजकिशोर बेदीया, चितरंजन महतो ,भुनेश्वर बेदीया, सफीक अंसारी, सरजू बेदीया सहित कई लोग मौजूद थे।

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