यहां हर रोज लोग करते है मौत से सामना, जुगाड़ की नाव बनी एकमात्र सहारा

पुल को पार करते वक्त थोड़ी सी चूक जान पर आफ़त बन सकती है

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रामगढ़: पुल को पार करने के लिए हर रोज लोग करते है मौत का सामना। जुगाड़ की नाव के सहारे लोग नदी पार करने का उठाते है जोखिम । ये लोग अगर इस पुल को नही पार करते है, तो इन्हें दूसरे रास्ते की दूरी 10 किलोमीटर से ज्यादा तय करनी पड़ती है । यहां के लोगो को यह समस्या हर बारिश के मौसम में झेलनी पड़ती है।

ये नज़ारा है झारखंड के रामगढ़ जिले की पोटमदगा पुल का जहा बरसात के मौसम में इस पूल के ऊपर से 4 से 5 फीट तक पानी बहा करती है, इस पुल को पार करते वक्त थोड़ी सी चूक जान पर आफ़त बन सकती है। पिछले बरसात में इस पुल को पार करने में कई वाहन बहने के साथ- साथ कई लोग काल के गाल में भी समा चुके हैं। लेकिन फिर भी इनके बेखौफि का आलम देखें कि ये लोग किस प्रकार से इस जुगाड़ के नाव पर लोग पार कर रहे हैं, इतना ही नहीं यह अपने साथ साथ अपनी भारी-भरकम मोटरसाइकिल को भी बेखौफ होकर पार कर रहे हैं ।

इस पुल में पानी भर जाने से आस पास के दर्जनों गांव के लोग प्रभावित है । इस पुल से प्रतिदिन लगभग एक हज़ार से डेढ़ हजार लोग गुजरते है। इस पुल में मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर जुगाड़ की नाव का सहारा ले रहे है, इस नाव में एक बार मे 5 से 6 लोग सवार होकर पुल को पार करते है, यहां तक की इस जुगाड़ की नाव पर मोटरसाइकिल साइकिल एवम अन्य समानों को भी लाद कर ले जाया करते है । जो कि जानलेवा साबित हो सकती है।

यह जुगाड़ की नाव ट्यूब में हवा भरकर ऊपर बांस की चचरी बांधकर बनाया गया है। इस नाव के खेवनहार (चालक) दो लोग है जो नाव के आगे पीछे रहते है। ये दोनों कमर भर पानी में डूब कर नाव को खिंच कर पुल के दूसरे किनारे पर ले जाने और ले आने का काम करते है । ये लोग पुल पार करनेवाले लोगो से प्रति व्यक्ति 30 से 40 रूपया भाड़ा लेते है।

जुगाड़ की नाव से नदी पार करते समय यदि कोई हादसा हो जाता है तो इसे देखने वाला कोई नहीं है । वही दूसरी तरफ लोगो का कहना है कि लोग मजबूरी में नाव के सहारे नदी पार करते हैं।  लोगो की इस समस्या के सवाल पर स्थानीय विधायक ममता देवी ने पिछले सरकार पर आरोप लगाते हुए इस विषय पर मुख्यमंत्री से बात कर जनता की समस्याओं का निदान करने व ठीकेदार पर कार्रवाई करने की बात कहती है ।
वही दूसरी ओर जिला के डीडीसी नागेंद्र सिन्हा ने बताया कि हमलोगों का प्रयास है कि कदम से कदम मिलाकर जिले की विकास करने का काम करेंगे ताकि जिला विकास के मामले में अग्रणी हो।

जिले के अधिकारी और जनप्रतिनिधि की बात करे तो इस समस्या पर जल्द कार्यवाही करने की बात करते है, लेकिन विडम्बना यह है कि इस परेशानी का सामना लोग वर्षो से करते आ रहे है। हालांकि इस भैरवी नदी पर पुल निर्माण का कार्य दो वर्ष पहले से ही शुरू हो चुका है और पुल का पिलर भी बन चुका लेकिन पिछले कुछ माह से पुल निर्माण का काम बंद होने के कारण पुल अधर में लटका हुआ है। बहरहाल अब यह देखना बाकी है कि इस समस्या से लोगो को कब निजात मिलती है ।

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