Rajrappa आर्थिक संकट से जूझ रहे छिन्नमस्तिके मंदिर के पुजारियों ने प्रधान मंत्री से लगाई गुहार

मंदिर परिसर में स्थित सैकड़ों दुकानदारों के समक्ष भी भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है

रामगढ़ के रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिके मंदिर के बंद होने से वहा के पंडा समाज सहित दुकानदारों में आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई है l जिससे यह वर्ग प्रधानमंत्री से अपनी आर्थिक स्थिति सुधार के लिए गुहार लगा रहा है ।

वैश्विक महामारी के दौरान पिछले 04 महीने से रामगढ़ के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर के बंद होने से पंडा समाज सहित वहां के सैकड़ों दुकानदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। लॉक डाउन के बाद से लेकर अब तक मां छिन्नमस्तिके मंदिर में सुबह की पूजा दोपहर में महाप्रसाद एवं शाम की आरती अनवरत जारी है। इन सभी चीजों का खर्चा वहां के स्थानीय पंडा समाज जो मंदिर न्यास समिति के अंतर्गत आता है वो उनके द्वारा किया जा रहा है। मंदिर परिसर में स्थित सैकड़ों दुकानदारों के समक्ष भी भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है । क्योंकि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पिछले 4 महीने से इन स्थानों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है । जिससे यहां की सभी दुकाने बिल्कुल बंद पड़ी हैं। इस मुद्दे पर बात करते हुए मंदिर न्यास समिति के प्रमुख पुजारी असीम पंडा ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन के समय सभी वर्गों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की लेकिन हमारा पंडा समाज उससे अछूता रह गया । जिसके कारण हम लोगों के बीच आर्थिक संकट का माहौल उत्पन्न हो गया है । इसलिए हम देश के प्रधानमंत्री से गुहार लगाते हैं कि हमारी स्थिति पर भी ध्यान दिया जाए क्योंकि प्रवासी मजदूरो को रोजगार देने के लिए सरकार ने मनरेगा के तहत कई कदम उठाए है अगर ऐसे कुछ एक कदम छिन्नमस्तिके मंदिर के लिए भी उठाए जाएं तो हम सब भी आर्थिक स्थिति से निपट सकते हैं क्योंकि यह धाम देश का प्रसिद्ध सिद्ध पीठ धाम है ।

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