अपने ही गढ़ में गायब हुए सिंधिया, BJP के होर्डिंग्स में नहीं मिली जगह

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ग्वालियर: ज्योतिरादित्य सिंधिया के दल बदल के बाद भले ही भाजपा ने दावा किया था कि उनको राजमाता जैसा सम्मान मिलेगा लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कभी कांग्रेस में श्रीमंत और महाराज जैसे संबोधन से पहचान बनाने वाले सिंधिया बीजेपी में शामिल होने के बाद अपने ही गढ़ में गायब होने लगे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सिंधिया को पुराने भाजपाई अभी भी अपनाने को तैयार नहीं है। इसलिए सिंधिया बीजेपी के राजनीतिक पोस्टरों से नरादर रहने लगे हैं। इसी पॉलिटिकल वार के बीच अब ग्वालियर में लगे भाजपा के पोस्टर से

सिंधिया की तस्वीर गायब होने पर कांग्रेस ने एक बार फिर से बीजेपी पर निशाना साधा है।दरअसल केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर के जन्मदिन के संबंध में ग्वालियर में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में भाजपा के तमाम बड़े नेताओं के फोटो लगाए गए, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो गायब रहा। ये पहला मौका नहीं है कि पोस्टर में से सिंधिया नरादर रहे हो इससे पहले भी भाजपा के कई पोस्टरों में उन्हें जगह नहीं मिली है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी मोदी सरकार-2.0 का एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में ग्वालियर में विज्ञापन लगाया गया था जिसमें से सिंधिया नरादर रहे। इस पोस्टर में बधाई संदेश के साथ शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष, सांसद और जिला अध्यक्ष और मध्यप्रदेश राजनीति के बड़े चेहरे भी शामिल थे। इस विज्ञापन को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस नेताओं ने पहले तो अपने अपने ट्विटर और फेसबुक पर ये विज्ञापन शेयर किया और बाद में आईटी सेल के जरिए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

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