बुजुर्ग मरीज को बांधने वाला शाजापुर का अस्पताल हुआ सील, प्रबंधक पर भी मामला दर्ज

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शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर के सिटी हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग मरीज को इलाज का बिल नहीं चुकाने पर पलंग से बांधने के मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। सोमवार को जिला प्रशासन ने अस्पताल का पंजीयन रद करते हुए उसे सील कर दिया। अस्पताल के प्रबंधक के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया है।

प्रदेश के राजगढ़ जिले के गांव रनारा निवासी 60 वर्षीय लक्ष्मीनारायण दांगी को पेट में तकलीफ होने पर एक जून को शाजापुर के उक्त निजी अस्पताल में भर्ती कि या गया था। आराम होने के बाद वे घर जाना चाहते थे, लेकिन आरोप है कि अस्पताल का बिल नहीं चुकाने पर स्टाफ ने उन्हें जाने नहीं दिया। मरीज की बेटी सीमा का कहना था कि अस्पताल वालों ने पिता को पलंग पर रस्सी से बांध दिया था। दो बार हमने अस्पताल में रुपये जमा कि ए थे। हमारे पास और रुपये नहीं थे, लेकिन अस्पताल वाले 11 हजार रुपये और मांग रहे थे। शुक्रवार देर रात जानकारी मिलने पर मीडियाकर्मी पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग मरीज को घर जाने दिया।

मामले की विस्तृत जांच के बाद सोमवार को अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई। अस्पताल प्रबंधक नीतेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कि या गया है। एसडीएम साहेब लाल सोलंकी, तहसीलदार सत्येंद्र बैरवा, नायब तहसीलदार आकाश शर्मा, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. प्रकाश पंडित व अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने सिटी हॉस्पिटल संचालक डॉ. वरुण बजाज की उपस्थिति में अस्पताल सील किया।

सीएम ने फिर किया ट्वीट

इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कि या था। उन्होंने लिखा था, ‘वरिष्ठ नागरिक के साथ क्रूरतम व्यवहार का मामला सामने आया है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ सोमवार को कार्रवाई होने के बाद भी सीएम ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘घटना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ और प्रशासन ने सिटी हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद कर उसको सील कर दिया है। अस्पताल के प्रबंधक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर पूरे प्रकरण की पुलिस जांच हो रही है।

हम पर लगे आरोप गलत : संचालक

अस्पताल के संचालक डॉ. वरुण बजाज ने बताया कि मरीज को आंत में दिक्कत थी। इलाज के चलते उनकी नाक से नली डाली गई थी। ऐसी स्थिति में मरीज को तकलीफ होती है। कई बार वह अजीब हरकत करने के साथ उठकर भागने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ही मरीज को बांधना पड़ता है। बिल की राशि के लिए मरीज को बांधने के आरोप गलत हैं। मरीज की बेटी का कहना था कि हम बिल नहीं देंगे। इसे लेकर हमने लिखित में पुलिस को शिकायत भी की थी।

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