Ramgarh बिना मास्क अथवा चेहरे को ढके बाहर निकलने वालों पर होगी कार्रवाई : डीसी

उपायुक्त ने के अधिकारियों के साथ बैठक कोरोना एवं मनरेगा के तहत हो रहे कार्यो का लिया जायजा

रामगढ़: कोरोना वायरस कोविड 19 से बचाओ एवं इसके रोकथाम हेतु पूरे देश मे लॉक डाउन की अवधि की 30 जून तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए गाइड लाइन के बाद रामगढ़ जिला वापस लौट रहे सभी प्रवासी मज़दूरों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में शनिवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री संदीप सिंह ने रामगढ़ जिला अंतर्गत कोरोना एवं मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सबसे पहले देश के अलग-अलग राज्यों से लौट रहे प्रवासी मजदूर/नागरिक जो कि होम क्वॉरेंटाइन में रह रहे हैं। उनके द्वारा क्वारंटाइन के सभी नियमों के पालन के संबंध में समीक्षा की गई। इस संबंध में उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि होम क्वारंटाइन में रह रहे सभी लोगों के द्वारा अनिवार्य रूप से सभी नियमों का पालन किया जाए, अगर किसी भी व्यक्ति के द्वारा इसकी अवमानना की जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए तुरंत उसे सरकारी क्वॉरेंटाइन में शिफ्ट किया जाए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि समय के साथ कोरोना का खतरा और बढ़ गया है। लेकिन कई जगहों पर देखा जा रहा है कि लोगों द्वारा ना ही मास्क का प्रयोग किया जा रहा है और ना ही वे चेहरे को ढक कर बाहर निकल रहे हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में ही आदेश जारी किए गए हैं कि ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत एफ आई आर दर्ज की जाए।

बैठक में श्री सिंह ने मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहां की हम सभी को अभी प्राथमिकता के आधार पर वापस लौटे सभी प्रवासी मजदूरों एवं जरूरतमंद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हाल ही में कई योजनाएं शुरू की गई है उन सभी पर निरंतर कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित क्षेत्र में रह रहे हर एक प्रवासी मजदूर को रोजगार उपलब्ध हो।

बैठक के दौरान श्री सिंह ने प्रखंड वार वापस लौटे प्रवासी मजदूरों की इक्कठा की जा रही जानकारियों के प्रति हो रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जल्द से जल्द वापस लौटे सभी प्रवासी मजदूरों का डाटा इकट्ठा करने का निर्देश दिया ताकि उन्हें उनके योग्यता के हिसाब से रोजगार से जोड़ा जा सके।
श्री सिंह ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूरों की संख्या के आधार पर योजनाओं का चयन करें, जिस क्षेत्र में ज्यादा प्रवासी मजदूर रह रहे हैं उस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का चयन किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत हो रहे किसी भी कार्य में मशीनरी के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। अगर किसी भी क्षेत्र में मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों में मशीनरी की इस्तेमाल की जाती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर से सुनिश्चित करें कि किसी भी क्षेत्र में मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों में मशीनरी का इस्तेमाल ना हो एवं अगर कहीं से भी इसकी कोई सूचना मिले तो अभिलंब रूप से उस पर कठोर कार्रवाई की जाए।
श्री सिंह ने जिला स्तर पर एक टीम का गठन कर प्रतिदिन 10 से 15 योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि मनरेगा के कार्यों में मशीनरी के इस्तेमाल पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही श्री सिंह ने बैठक में श्रम अधीक्षक, नियोजन पदाधिकारी सहित मौजूद अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रवासी मजदूरों के संबंध में इकट्ठा की गई जानकारी का इस्तेमाल करते हुए स्किल मैपिंग करें एवं उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें संबंधित रोजगार से जोड़ें।

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, श्रम अधीक्षक, डीपीएम जेएसएलपीएस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Whats App