Logo
ब्रेकिंग
बीएफसीएल द्वारा महेश्वर धाम में दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, 163 लाभार्थियों की हुई... झारखंड को मिली बड़ी सौगात,17 जनवरी को खुलेगा सब-डीओ कार्यालय, आर्मी लैंड केस अब लोकल लेवल पर! गुरुजी के घर पहुंचे अखिलेश यादव, भावुक होकर कहा – आदिवासियों की आवाज़ हमेशा गूंजेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीति की चकाचौंध से दूर पैतृक गांव नेमरा की मिट्टी में रचे-बसे नज़र आ रहे ... रामगढ़ की बेटी चंद्र ज्योति उपाध्याय ने रचा इतिहास, JPSC में पाई 70वीं रैंक, बनीं डिप्टी कलेक्टर युवा आजसू का संकल्प – हर गांव, हर विद्यालय में हरा अभियान! आफ़ताब अंसारी के मामले कि जांच और परिजनों को मिले मुआवजा : जोया प्रवीण रामगढ़ थाना से फरार आफताब कि मौ*त, जमकर बवाल, इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह और कई पुलिसकर्मी निलंबित रामगढ़ डीसी बने फरिश्ता, बेहोश स्कूली बच्चे को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल, बचाई जान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार श्री मस्त राम मीणा ने किया रामगढ़ जिले का दौरा।

हांगकांग और शिनजियांग के मुद्दे चीन-अमेरिका वार्ता में बनेंगे मुश्किल, जल्द ही दोनों देशों के बीच होनी है बातचीत

वाशिंगटन। हांगकांग में चुनाव व्यवस्था में परिवर्तन और शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के नरसंहार के मामले चीन और अमेरिका के बीच अलास्का में होने वाली बैठक में दिक्कत खड़ी करेंगे। इन दोनों ही मामलों पर एक बार फिर अमेरिका ने चीन की आलोचना की है। यह भी कहा है कि इससे राजनयिक वार्ता में मुश्किल हो सकती है। इन मसलों को जोरदारी से उठाने के लिए अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धता जता दी है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि अलास्का में 18 व 19 मार्च को चीन के साथ विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवान इन मुद्दों को उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही हमारे लिए हांगकांग में लोकतंत्र और ताइवान का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। उइगर मुस्लिमों का नरसंहार का मामला तो बहुत ही गंभीर है।

शिनजियांग, ताइवान और हांगकांग के मामले में अमेरिका के बयान पर चीन ने पहले ही इसको आंतरिक मामले में दखल देना बताया है। चीन इन मुद्दों को दरकिनार कर मतभेदों को दूर करने पर जोर देना चाहता है।

चीन से जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी होगी वार्ता

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने हांगकांग में चुनाव व्यवस्था में परिवर्तन के मसले पर कहा कि यह सीधे तौर पर यहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्रता पर हमला है। नेड प्राइस ने कहा है कि चीन से जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी वार्ता होगी।

उन्होंने कहा कि हम केवल बातचीत नहीं कर रहे हैं। बीजिंग को सभी मुद्दों पर गंभीरता दिखानी होगी। जिससे दोनों देशों के संबंध सामान्य हो सकें।

ज्ञात हो कि अमेरिका का जो बाइडन प्रशासन चीन से संबंधों को लेकर नए सिरे से समीक्षा कर रहा है। इसी बीच वार्ता में सबसे बड़ी बाधा उइगर मुस्लिमों के नरसंहार, हांगकांग और ताइवान के मुद्दे हैं। इन तीनों ही मुददें पर वार्ता से कुछ दिन पहले तक चीन का अडि़यल रवैया बना हुआ है।