Logo
ब्रेकिंग
स्वीप" अंतर्गत वोटर अवेयरनेस को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुआ मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन... *हमारा लक्ष्य विकसित भारत और विकसित हज़ारीबाग: जयंत सिन्हा* आखिर कैसे हुई पुलिस हाजत में अनिकेत की मौ' त? नव विवाहित पति पत्नी का कुएं में मिला शव l Royal इंटरप्राइजेज के सौजन्य से Addo ब्रांड के टेक्निकल मास्टर क्लास का रामगढ़ में आयोजन | रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न ।

गणतंत्र दिवस पर 7 कैदियों की रिहाई, फूल माला पहनाकर किया विदा

होशंगाबाद: गणतंत्र दिवस के मौके पर शासन की माफी के तहत मंगलवार को होशंगाबाद जिला जेल में आजीवन सजा काट रहे से सात बंदियो की रिहाई की गई। रिहा होने वाले कैदी जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और 14-15 साल जेल में बिताने के बाद प्रशासन ने गणतंत्र दिवस के अवसर  इनके आचरण को देखते हुए इन्हें शासन की माफी के तहत रिहा किया गया। सभी रिहा कैदियों को फूल माला पहनाकर रिहा किया गया वहीं परिजन भी उन्हें धूमधाम से घर ले गए।

कैदियों की रिहाई की खबर से उनके परिजन एवं इष्ट मित्रगण काफी संख्या में सुबह से ही जिला जेल के बाहर एकत्रित थे। रिहा किये गये बंदियो को फूल माला पहनाकर रिहा किया गया। इस दौरान आधा सैकड़ें के करीब लोग इन्हे चार पहिया वाहनों से लेने आये थे। लगभग एक दर्जन से ज्यादा चार पहिया वाहन भी जिला जेल के बाहर मौजूद थे। इस संबंध में होशंगाबाद जिले की जेल अधीक्षक  ऊषा राज ने बताया कि ये रिहाई शासन की माफी पाकर होती है।

जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की रिहाई के लिए एक कमेटी होती है। जो बंदियो का आचरण और उनके चाल चलन व्यवहार को देखते हुए शासन से अनुशंसा करती है। शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए ही ऐसे बंदियो की रिहाई की जाती है।

गणतंत्र दिवस पर होशंगाबाद जिला जेल से ऐसे ही सात बंदियो की रिहाई की गई है जो इस क्राईट एरिया मे आते थे। इनमें से तीन बंदी बैतूल जिले के रहने वाले है। चार अन्य स्थानो के रहने वाले हैं। ये आजीवन कारावास की सजा से दंडित थे। गौरतलब रहे कि इन बंदियो को आजीवन कारावास की सजा होने के बाद 14 से 15 साल जेल मे बिताने के बाद रिहा किया गया।

जेल से कैदियों की रिहाई होते ही बाहर आते ही  परिजन और  मित्र खुश नजर आये और रिहा हुए कैदियों का फूल मालाओं से स्वागत किया। सात बंदियो मे से  बैतूल निवासी रामप्रसाद राठौर और उनका पुत्र डैनी राठौर और एक साथी हरीश यादव भी रिहा किये गये। लंबी सजा काट चुके रामप्रसाद राठौर ने बताया कि वे काफी खुश है और वर्षो के बाद वे और उनका पुत्र अपने परिजनो से मिलेंगे।