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Jamshedpur कलाकारों ने अपनी कला के कारण ही देश के साथ विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है

बनारस के घाट को जीवंत रूप और गंगा किनारे की सारी गतिविधियों को दीवारों पर उतारा है

जमशेदपुर: शहर के कालाकारों की बात ही अलग है. यहां के कलाकारों ने अपनी कला के कारण ही देश ही नही बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है. उन्ही कालाकारो में एक हैं जमशेदपुर से सटे सरायकेला खरसावां जिले के तामुलिया के रहने वाले असीम पोद्दार. असीम पोद्दार ने कई जगहों पर अपने हाथों से एक से बढ़कर एक चित्रों को उकेरा है लेकिन जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित प्रशांत सिह के घर के बाहरी दीवार पर जो पेंटिंग बनाई है. वह पेंटिंग इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ.असीम ने अपने हाथों से बनारस के घाट को जीवंत रूप में दीवारों पर उतारा है. इस तस्वीर में उन्होंने गंगा किनारे की सारी गतिविधियों को दिखाया है. चाहे वह बनारस का दश्वमेघ घाट हो या घाट की शाम की आरती हो. असीम ने बताया कि इसे बनाने मे उन्हें पांच दिन लगे हैं. असीम बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान बनारस के गंगा घाट की पेंटिंग की लोग तारीफ तो कर रहे हैं साथ ही साथ हमें तस्वीर बनाने से रोजगार भी मिला है।

वही प्रशांत सिह का कहना है कि उनके घर के आगे की दीवार पूरी तरह खाली थी. लॉकडाउन के पहले प्रशांत वाराणसी अपने परिवार के साथ गए थे तो वे वाराणसी के गंगा घाट को देखा तो काफी अच्छा लगा. उसके बाद उन्होंने अपने दीवार पर उस दृश्य को उतारने की सोची । इस तरह के पेंटिंग को शहर के हर चौक चौराहों पर बनाया जाए ताकि आज कल के बच्चे भी हमारी सांस्कृतिक और सभ्यता को जान सके.।