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चार दिन से लापता ड्रोन निर्माता पीयूष लौटे, पर गायब होने का रहस्य अब भी है बरकरार

नारायणपुर। चार दिनों से लापता ड्रोन निर्माता इंजीनियर पीयूष झा शुक्रवार देर रात घायल अवस्था में नारायणपुर जिला अस्पताल पहुंच गए। अलबत्ता, यह रहस्य अब भी बरकरार है कि वह गायब कैसे हो गए थे। गौरतलब है कि उनकी स्टार्टअप कंपनी सुरक्षा बलों सहित अन्य लोगों को ड्रोन की आपूर्ति करती है। शनिवार को उनके भाई पराग झा बेहतर इलाज के लिए उन्हें रायपुर ले गए, जहां उन्हें निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के निवासी पीयूष झा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टार्टअप के रूप में ड्रोन बनाने का काम शुरू किया। सुरक्षा बलों के साथ ही कई बड़ी कंपनियां उनकी ग्राहक हैं। पीयूष 10 जनवरी को दंतेवाड़ा के लिए रवाना हुए, लेकिन 11 जनवरी की सुबह से उनका मोबाइल बंद हो गया। इसकी शिकायत पीयूष के पिता संजय झा ने दंतेवाड़ा पुलिस और रायपुर के विधानसभा थाने में की। चार दिन बाद 15 जनवरी की रात करीब 10 बजे पीयूष कार चलाते हुए जिला अस्पताल पहुंचे।

एक माह से कंपनी के पार्टनर के साथ चल रहा था विवाद 

जानकारी मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंची, लेकिन पीयूष की पसलियों में चोट के कारण बात नहीं हो सकी। पीयूष की तलाश में दंतेवाड़ा आए उनके भाई पराग झा भी रात में जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि पीयूष का एक माह से कंपनी के पार्टनर के साथ विवाद चल रहा था। पीयूष शनिवार सुबह अपने भाई पराग के साथ रायपुर के लिए रवाना हो गए। उनके लापता रहने का रहस्य अब भी बरकरार है।

पुलिस इन सवाल के जवाब ढूंढने के प्रयास में है कि पीयूष दंतेवाड़ा से नारायणपुर कैसे पहुंचे? दंतेवाड़ा से नारायणपुर आने का मकसद क्या था? रास्ते में उनके साथ क्या हुआ? दंतेवाड़ा में किन लोगों से मुलाकात हुई? और सीने में चोट कैसे लगी? नारायणपुर के एसपी मोहित गर्ग के मुताबिक जिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ है, वहीं से विवेचना के बाद रहस्य से पर्दा उठेगा।