Logo
ब्रेकिंग
स्वीप" अंतर्गत वोटर अवेयरनेस को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुआ मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन... *हमारा लक्ष्य विकसित भारत और विकसित हज़ारीबाग: जयंत सिन्हा* आखिर कैसे हुई पुलिस हाजत में अनिकेत की मौ' त? नव विवाहित पति पत्नी का कुएं में मिला शव l Royal इंटरप्राइजेज के सौजन्य से Addo ब्रांड के टेक्निकल मास्टर क्लास का रामगढ़ में आयोजन | रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न ।

पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार का टैक्स कलेक्शन 6 साल में 300 फीसद से अधिक बढ़ा

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार का कर संग्रह पिछले छह साल में 300 फीसद से अधिक हो गया। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि केंद्र सरकार को मोदी सरकार के आने के पहले साल में 2014-15 के दौरान पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क से 29,279 करोड़ रुपये और डीजल पर उत्पाद शुल्क से 42,881 करोड़ रुपये मिले।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 10 महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल पर कर संग्रह बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये हो गया।

प्राकृतिक गैस पर उत्पाद शुल्क के साथ, 2014-15 में केंद्र सरकार ने 874,158 करोड़ एकत्र किए जो अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 की अवधि में 2.95 लाख करोड़ हो गए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैस पर कुल राजस्व का फीसद 2014-15 में 5.4 फीसद से बढ़कर 12.2 फीसद हो गया।

 पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 2014 में 9.48 प्रति लीटर से बढ़ाकर 32.90 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर 3.56 लीटर से बढ़कर, 31.80 हो गया है।

14 मार्च, 2020 से पेट्रोल और डीजल पर कुल केंद्रीय उत्पाद शुल्क (मूल उत्पाद शुल्क, उपकर और अधिभार सहित) में 3 प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। ठाकुर ने कहा कि इसे एक बार फिर संशोधित करके पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर की दर से किया गया। उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी सरकार द्वारा नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच करों में वृद्धि के समान है।