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भोपाल में ढाई टन कबाड़ से बनेगा 20 फीट ऊंचा पृथ्वी का मॉडल

भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में अव्‍वल आने के लिए नगर निगम भोपाल कई नवाचार कर रहा है। कबाड़ से रेडियो, गिटार व राजा भोज का लोगो बनाया जा चुका है और अब पृथ्वी का मॉडल बनाने की तैयारी है। इसमें करीब ढाई टन (25 क्विंटल) लोहा लगेगा। 12 कलाकार डिजाइन तैयार कर रहे हैं। यह मॉडल 20 फीट ऊंचा होगा। निगम का दावा है कि यह दुनिया का कबाड़ से बनाया जाने वाला पृथ्वी का सबसे बड़ा मॉडल होगा, जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज कराया जाएगा।

कबाड़ से पृथ्वी के मॉडल पर पवन देशपांडे व उनकी 12 सदस्यीय टीम जुटी हुई है। फिलहाल नगर निगम के वर्कशॉप से गाड़ियों के उपयोग किए गए कलपुर्जे एकत्रित किए जा रहे हैं। वहीं इसकी डिजाइन तैयार की जा रही है। तीन महीने में यह मॉडल बनकर तैयार हो जाएगा। इसके आकार को बढ़ाया भी जा सकता है। कलाकार देशपांडे ने बताया कि राजधानी में स्वच्छता के तहत फोर-आर पर काम कर रहे हैं। री-साइकल(पुन: उपयोग लायक बनाना), रीड्यूज(घटाना), री-यूज(दोबारा उपयोग करना) व री-डिस्ट्रीब्यूट(फिर से बांटना) थीम के तहत कबाड़ का उपयोग करके रेडियो, गिटार व लोगो बना चुके हैं और अब पृथ्वी के मॉडल पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में कबाड़ से पृथ्वी का मॉडल कहीं नहीं बना है। इसलिए निर्माण के बाद लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दावा भी करेंगे।

इनका होगा इस्तेमाल

नगर निगम की वर्कशॉप से बसों समेत अन्य गाड़ियों के विभिन्न पुर्जों का उपयोग मॉडल बनाने में होगा। इनमें बेयरिंग, चेन, फिल्टर, नट-बोल्ट, छल्ले, वायर्स, पाइप, पिस्टन, रॉड, व्हील, जैक, स्पोकेट आदि शामिल हैं। ई-वेस्ट समेत अन्य कबाड़ का उपयोग भी होगा।

ये बना चुके कबाड़ से

रेडियो- वर्ष 2017 में रेडियो बनाया था। यह ई-वेस्ट, गाड़ियों के पुर्जों आदि से बना था। वर्तमान में रोशनपुरा चौराहे पर स्थापित है।

गिटार- फरवरी 2021 में बनाकर इसे बोट क्लब में स्थापित किया गया है। इसके निर्माण में डेढ़ टन लोहा लगा।

राजा भोज का लोगो- छह दिन में बनकर तैयार। वर्तमान में आइएसबीटी में लोगो लगा है। इसका लोकार्पण जल्द होगा। 10 हजार वेस्ट बॉटलें एवं 1500 किलो गाड़ियों के पुर्जों से बनकर तैयार हुआ।