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ठंड गायब होने के साथ भोपालवासियों को मिली वायु प्रदूषण से राहत, मंडीदीप में भी सुधरी हवा की सेहत

भोपाल। ठंड गायब हुई तो राजधानी भोपाल के वासियों को वायु प्रदूषण से भी राहत मिलनी शुरू हो गई है। भोपाल शहर व औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्‍यूआइ) में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार सुबह भोपाल शहर का सूचकांक 116 दर्ज किया गया, जो कि ठंड के दिनों में 340 तक पहुंच गया था। वहीं मंडीदीप की हवा तो और भी साफ हुई है। यहां सूचकांक 67 दर्ज किया है, जो कि ठंड के दिनों में 300 से ऊपर रहता था। वातावरण में शुष्कता बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण में और गिरावट आएगी। प्रदूषण कम होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। ठंड में प्रदूषण की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा था। खासकर कोरोना व दूसरी बीमारियों से पीड़ितों को नुकसान उठाना पड़ा था। आमतौर पर प्रदूषण से बुजुर्ग, बच्चे भी प्रभावित होते थे। अब प्रदूषण में गिरावट आने से सभी को राहत मिली है

मौसम शुष्क हुआ तो कम हुआ वायु प्रदूषण

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक रहे गुणवंत जोशी बताते हैं कि ठंड के दिनों में नमी का स्तर वातावरण में अधिक रहता है। यही नमी वायु प्रदूषण की वजह होती है। दरअसल धूल, धुआं समेत हानिकारक-विषैली गैसों और अन्‍य प्रदूषक तत्‍वों के कण नमी पाकर भारी हो जाते हैं। इस वजह से ये सतह से ऊपर तक नहीं फैल जाते। कुल मिलाकर इनका स्तर इंसानों द्वारा ली जाने वाली परिवेशीय वायु में बढ़ जाता है। इसी परिवेशीय वायु में प्रदूषण की जांच की जाती है। इससे वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है। ठंड के दिनों में नमी का स्तर जितना अधिक बढ़ता है, वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक भी बढ़ा हुआ दर्ज होता है। गुणवंत जोशी बताते हैं कि वास्‍तव में गर्मी के दिनों में ठंड की अपेक्षा अधिक प्रदूषण होता है, लेकिन वातावरण शुष्क होने के कारण प्रदूषक कण हल्के रहते हैं और वातावरण में फैल जाते हैं, इसलिए परिवेशीय वायु में इनका स्तर कम दर्ज होता है।

भोपाल शहर में वायु प्रदूषण

माह वायु गुणवत्ता सूचकांक (औसत)

अक्टूबर 2020—140

नवंबर 2020—154

दिसंबर 2020—285

जनवरी 2021—298

फरवरी 2021—250

5 मार्च 2021— 116

मंडीदीप में वायु प्रदूषण

माह वायु गुणवत्ता सूचकांक (औसत)

अक्टूबर 2020—123

नवंबर 2020—145

दिसंबर 2020—280

जनवरी 2021—270

फरवरी 2021—267

5 मार्च 2021— 67