Logo
ब्रेकिंग
बीएफसीएल द्वारा महेश्वर धाम में दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, 163 लाभार्थियों की हुई... झारखंड को मिली बड़ी सौगात,17 जनवरी को खुलेगा सब-डीओ कार्यालय, आर्मी लैंड केस अब लोकल लेवल पर! गुरुजी के घर पहुंचे अखिलेश यादव, भावुक होकर कहा – आदिवासियों की आवाज़ हमेशा गूंजेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीति की चकाचौंध से दूर पैतृक गांव नेमरा की मिट्टी में रचे-बसे नज़र आ रहे ... रामगढ़ की बेटी चंद्र ज्योति उपाध्याय ने रचा इतिहास, JPSC में पाई 70वीं रैंक, बनीं डिप्टी कलेक्टर युवा आजसू का संकल्प – हर गांव, हर विद्यालय में हरा अभियान! आफ़ताब अंसारी के मामले कि जांच और परिजनों को मिले मुआवजा : जोया प्रवीण रामगढ़ थाना से फरार आफताब कि मौ*त, जमकर बवाल, इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह और कई पुलिसकर्मी निलंबित रामगढ़ डीसी बने फरिश्ता, बेहोश स्कूली बच्चे को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल, बचाई जान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार श्री मस्त राम मीणा ने किया रामगढ़ जिले का दौरा।

कांग्रेस विधायक को भाजपा के पूर्व विधायक ने दी जान से मारने की धमकी

भोपाल:  मध्यप्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस की एक महिला विधायक ने आरोप लगाया कि अलीराजपुर के पूर्व भाजपा विधायक और एक अन्य नेता ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले की जोबट विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायक कलावती भूरिया ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। भूरिया ने सरकार से धमकी देने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने और स्वयं को सुरक्षा दिये जाने की मांग की।

इस मामले में विधानसभा में उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। सरकार भूरिया की सुरक्षा के लिये भी जरुरी कदम उठायेगी।’’ आदिवासी विधायक भूरिया ने आरोप लगाया कि अलीराजपुर के पूर्व भाजपा विधायक नागर सिंह चौहान और भाजपा के एक अन्य स्थानीय नेता ने हाल ही में उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके साथ ही धमकी देने वालों ने उन्हें (भूरिया) चेतावनी दी की उन्हें अलीराजपुर नहीं आना चाहिये क्योंकि अब यह झाबुआ जिले का हिस्सा नहीं है

आदिवासी बहुल झाबुआ जिले का पुनर्गठन करके 2008 में अलीराजपुर को अलग जिला बनाया गया था। भूरिया ने कहा कि अलीराजपुर में रहने वाले आदिवासियों की समस्याओं को हल करने के लिये उन्हें कई बार वहां जाना पड़ा। इसके बाद भूरिया ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है।