Logo
ब्रेकिंग
बीएफसीएल द्वारा महेश्वर धाम में दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, 163 लाभार्थियों की हुई... झारखंड को मिली बड़ी सौगात,17 जनवरी को खुलेगा सब-डीओ कार्यालय, आर्मी लैंड केस अब लोकल लेवल पर! गुरुजी के घर पहुंचे अखिलेश यादव, भावुक होकर कहा – आदिवासियों की आवाज़ हमेशा गूंजेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीति की चकाचौंध से दूर पैतृक गांव नेमरा की मिट्टी में रचे-बसे नज़र आ रहे ... रामगढ़ की बेटी चंद्र ज्योति उपाध्याय ने रचा इतिहास, JPSC में पाई 70वीं रैंक, बनीं डिप्टी कलेक्टर युवा आजसू का संकल्प – हर गांव, हर विद्यालय में हरा अभियान! आफ़ताब अंसारी के मामले कि जांच और परिजनों को मिले मुआवजा : जोया प्रवीण रामगढ़ थाना से फरार आफताब कि मौ*त, जमकर बवाल, इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह और कई पुलिसकर्मी निलंबित रामगढ़ डीसी बने फरिश्ता, बेहोश स्कूली बच्चे को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल, बचाई जान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार श्री मस्त राम मीणा ने किया रामगढ़ जिले का दौरा।

नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच आज चुनाव आयोग से मिलेंगे केपी शर्मा ओली

काठमांडू। नेपाल में इस वक्त राजनीतिक संकट जारी है। मौजूदा कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) आज यानी मंगलवार को चुनाव आयोग से देश में चुनाव कराने को लेकर मुलाकात करेंगे साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के भीतर छिड़े विवाद पर भी बातचीत करेंगे। सूत्रों का हवाला देते हुए  ख़बरूब (Khabarhub) ने बताया कि आज सुबह के वक्त चुनाव आयोग से केपी शर्मा ओली मिलेंगे और उसके बाद ही सभी तैयारी करेंगे। बता दें कि इससे पहले नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार और दहल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। हालांकि, ओली ने पार्टी में चल रहे विवाद के दौरान चुनाव आयोग के कार्यालय का दौरा नहीं किया था।

20 दिसंबर से जारी सियाठी उठापटक

उधर, नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने 20 दिसंबर को ओली की सिफारिश पर निचले सदन को भंग कर दिया था और संसद को भंग करने के बाद प्रधान मंत्री ने 30 अप्रैल और 10 मई, 2021 को भी चुनाव प्रस्तावित किए थे। बता दें कि 20 दिसंबर से ही नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है। संसद को भंग करने और नए चुनाव कराए जाने का एलान करने के बाद पूरे देश में उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था।

ओली के खिलाफ लगे थे नारे

बता दें कि पिछले दिनों नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर छिड़े संग्राम के बीच पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड समर्थक छात्रों ने रैली की। सभी छात्र प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की संसद को भंग करने की सिफारिश पर अपना विरोध जता रहे थे। माना जा रहा था कि यह रैली ओली समर्थक छात्रों की दो दिन पूर्व हुई उस रैली के जवाब में हुई थी, जिसमें वी लव केपी ओली.. और ओली इज अवर हीरो.. के नारे लगे थे।

सुप्रीम कोर्ट में केपी शर्मा ओली के कदमों को मिली चुनौती

केपी शर्मा ओली द्वारा उठाए गए कदमों की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस तरह की एक दर्जन याचिकाओं पर इस महीने फैसला आने की भी उम्मीद है। माना जा रहा है कि अगर ओली यह कानूनी लड़ाई जीत जाते हैं तो 30 अप्रैल और 10 मई को दो चरणों में चुनाव होने का रास्ता साफ हो जाएगा।