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हर घर से निकलीं अर्थी ! कहीं से 2, कहीं से 3 तो कहीं से 4…

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी में हुए दर्दनाक हादसे ने सबको हिला कर रख दिया है। हादसे में 52 लोगों की मौत से आस पास के कई गांवों में मातम पसरा हुआ है। कईयों के घरों से तो एक साथ कई-कई जनाजे उठे हैं। सीधी हादसे के गम का साया देवरी गांव में देखने को मिला जहां जन्म जन्म की कसमें खाने वाले पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। इसके इलावा तिवारी परिवार से बाप बेटी की चिता को एक साथ मुखाग्नि दी गई। वहीं हर एक के दिल बैठ गया जब यादव परिवार के 4 सदस्यों की अर्थियां एक साथ निकली। इन दृश्यों को जिसने भी देखा उसकी आंख नम थी मानों लोगों के भाव शून्य हो गए हो। जुबान बंद है लेकिन आंखों से आंसूओं का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा।

पति-पत्नी ने गंवाई जान
सीधी बस हादसे में मरने वाले 52 लोगों में देवरी के भाईमाड का एक दंपति जोड़ा अजय और तपस्या भी थी जिनकी शादी महज 8 महीने पहले हुई थी। 26 साल के अजय पनिका अपनी 21 साल की पत्नी तपस्या को पेपर दिलवाने के लिए सतना जा रहे थे। तपस्या सीधी के कमला कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही थीं। वो सीधी में ही रही थीं। दोनों इसी बस से सतना जाने के लिए रवाना हुए थे और हादसे में जान गंवाई थी।

विवाह के समय साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले दंपति की जब दो अर्थियों पर अंतिम यात्रा निकाली गई सारा इलाका शोक में डूब गया। इस दृश्य को देखने वाला हर शख्स मौन था मानों सांत्वना देने के लिए शब्द खत्म हो गए हो। देखने वालों को यह समझ ही नहीं आ रहा था कि इस पर प्रतिक्रिया दें तो क्या दें? इसके बाद श्मशान घाट का नजारा इससे भी ज्यादा हृदय विदारक था जब दोनों के शवों को एक ही चिता पर रखकर आग के हवाले किया गया।

पति-पत्नी-बेटी और भाई की एक साथ निकली 4 अर्थियां
वहीं इस हादसे में कुसमी का यादव परिवार ने भी अपनों को खो दिया। इस परिवार के एक ही दिन एक साथ चार सदस्यों को गंवाया। हादसे में विश्वनाथ यादव, उनकी पत्नी राजकली यादव, तीन महीने की बेटी नम्रता यादव और चचेरा भाई प्रदीप यादव चारों अब इस दुनिया में नहीं रहे। जब घर से एक साथ इन चारों की शव यात्रा निकली तो सारा गांव में मातम पसर गया।

नहीं रहे पिता और बेटी
वहीं कुछ ऐसी ही कहानी है तिवारी परिवार की जिनके घर से पिता और बेटी की अर्थी एक साथ निकली। अशोक तिवारी और उनकी बेटी दोनों की हादसे में मौत हो गई। अशोक अपनी 20 वर्षीय बेटी निक्की को लेकर सीधी से सतना के लिये निकले थे। निक्की अपने पिता के साथ नर्सिंग का पेपर देने जा रही थी। लेकिन दोनों ने जान गंवा दी। अपने पिता और बहन को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी।