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थर्ड जेंडर को पहचान देने वाला देश का पहला राज्य बना MP, ये खास आईडी कार्ड जारी

भोपाल: नए साल पर राजधानी भोपाल में ट्रांसजेंडर के लिए नई पहल की गई है। देश में पहली बार अब थर्ड जेंडर के पास अपना पहचान पत्र होगा। अब तक ट्रांसजेंडर के पास व्यक्तिगत आईडी नहीं होती थी उनके पास आधार, वोटर कार्ड आदि दस्तावेज होते हैं। लेकिन कलेक्टर अविनाश लवानिया ने ट्रांसजेंडर को अलग आईडी कार्ड मुहैया करवा कर मध्य प्रदेश को देश का ऐसा पहला राज्य बना दिया जहां अब थर्ड जेंडर के पास अपना आईडी कार्ड होगा। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने शुक्रवार को दो ट्रांसजेंडर्स को कार्ड जारी किए हैं।

भोपाल जिले में 167 थर्डजेंडर हैं जो वोटिंग लिस्ट में हैं। इनकी संख्या और ज्यादा भी हो सकती है, जिन्हें यह आईडी कार्ड जारी किया गया है, उनमें संजना सिंह और जुबेर सैयद जूली शामिल हैं। वहीं पहचान पत्र बनने पर थर्ड जेंडर संजना सिंह राजपूत ने खुशी जाहिर की है। संजना का कहना है कि अभी तक हमारे समुदाय के लिए कोई भी पहचान पत्र नहीं होता था, जिसकी वजह से कई मामलों में हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस अधिकार को पाने के लिए 16 साल तक लड़ाई लड़नी पड़ी है। लेकिन अब जब सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से हमें पहचान पत्र दिए है तो अच्छा लग रहा है।

थर्ड जैंडर कम्यूनिटी को पहचान दिलाने के लिए भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया की यह अनोखी पहल है। उन्होंने ट्रासजेंडर को आधिकारिक रूप से पहचान पत्र जारी किए है। लेकिन अब भी समुदाय के लोगों में इसकी जागरूकता नहीं है जिसको लेकर आगामी भविष्य में कार्य करने की आवश्यकता है।