रामगढ़ के छात्रों ने नेत्रहीनो के लिए बनाई ब्लाइंड स्टिक, जो 1मीटर पहले ही बाधा के बारे में देगा संकेत ।
आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है और इस बात को चरितार्थ करते नजर आए रामगढ़ टीडी क्लासेस में अध्यनरत होनहार स्टूडेंट्स, ये महज 11 से 12 साल के किशोर, जिन्होंने ने एक ऐसी ब्लाइंड स्टिक तैयार की है जो नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए बेहद कारगर साबित होगा, अत्याधुनिक खूबियों से युक्त फोल्डेबल ब्लाइंड स्टिक की खासियत यह है कि ये ब्लाइंड स्टिक 1 मीटर पहले ही नेत्रहीन व्यक्ति को अलार्म के जरिए किसी भी ऑब्जेक्ट के सामने आने से पहले अलार्म के जरिए इंडिकेट कर देती है l मतलब किसी भी बाधा के आने से 1 मिनट पूर्व भी वह सचेत हो जाएगा और किसी भी अनहोनी से बच जाएगा l नेत्रहीनों के लिए उपयोगी इस ब्लाइंड स्टिक को बनाने में करीब ₹900 रुपया का खर्च आया हैं और यह ब्लाइंड स्टिक किस तरीके से काम करता आप सुने निर्माणकर्ता स्टूडेंट से….
रामगढ़ के इन होनहार छात्रों के द्वारा बनाए गए इस ब्लाइंड स्टिक को बनाने में करीब ₹900 का खर्च आया है, छात्रों के जनहित से जुड़े निर्माण को लेकर बीएफसीएल की टीम उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए सामने आई है, उन्होंने इस बेहतरीन निर्माण के लिए बच्चों को सम्मानित किया, वही उनका हौसला अफजाई करते हुए बीएससीएल के जीएम राकेश गुप्ता ने कहा कि बच्चों ने बेहद सराहनीय कार्य किया और हमारी Bfcl टीम बच्चों द्वारा निर्मित इस ब्लाइंड स्टिक को खरीदकर सीएसआर फंड के तहत जरूरतमंद लोगों के बीच में बाटेगी ….
Byte rakesh
आपने होनहार बच्चों के कारीगरी को देखा और सुना वही उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए आगे आई Bfcl के जीएम को भी सुना, अब जाने जिनके नेतृत्व में यह बच्चे ऐसे जन उपयोगी, हाईटेक चीजों को बना कर अपने जिले तथा राज्य को गौरवान्वित कर रहे हैं, उनका श्रेय जाता है रामगढ़ के चट्टी बाजार स्थित टीडी क्लास के संचालक भानु प्रताप सिंह को, भानु प्रताप सिंह जिनके नाम रोबोटिक्स में ऑल ओवर इंडिया में करीब 57 विनिंग ट्रॉफी है, उनके बेहतरीन मार्गदर्शन में बच्चे अपने आप को हुनरमंद बना, जिला सहित राज्य का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं l
